बिहार की सियासत में ‘कलम’ पर तेज हुई बहस: तेजस्वी के शिक्षा पर JDU का हमला, RJD का पलटवार

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति में इन दिनों ‘कलम’ को लेकर एक नई बहस छिड़ गई है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता और बिहार विधानसभा में विपक्ष के नेता तेजस्वी यादव द्वारा अपनी ‘बिहार अधिकार यात्रा’ के दौरान लोगों के बीच कलम बांटने को लेकर जनता दल यूनाइटेड (JDU) ने उन पर तीखा हमला बोला है।

JDU के विधान परिषद सदस्य और मुख्य प्रवक्ता नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव की शिक्षा पर सवाल उठाते हुए उन्हें घेरने की कोशिश की है। नीरज कुमार ने तेजस्वी यादव से पूछा है कि उन्हें पहले उस सरकार का नाम बताना चाहिए, जिसने बिहार की एक बड़ी आबादी को अशिक्षित रखने की साजिश रची थी। उनका इशारा सीधे तौर पर राष्ट्रीय जनता दल के उस दौर की ओर था, जब बिहार में ‘चरवाहा विद्यालय’ की योजना शुरू की गई थी।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

नीरज कुमार ने अपने बयान में कहा कि तेजस्वी आजकल घुड़सवारी कर रहे हैं और कलम बांट रहे हैं, लेकिन उनके इन दोनों कृत्यों का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने कहा कि तेजस्वी को यह बताना चाहिए कि चरवाहा विद्यालय खोलने की योजना किस सरकार में बनी थी और उस समय साढ़े चार रुपये की फीस पर पढ़ाई होती थी। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की सरकार की शिक्षा नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि आज पांच रुपये की फीस देकर गरीब बच्चे भी पॉलिटेक्निक में पढ़ाई कर रहे हैं। नीरज कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि तेजस्वी कलम बांटने में नहीं, बल्कि उसे फेंकने में विश्वास रखते हैं, यही वजह है कि पर्याप्त अवसर मिलने के बावजूद उन्होंने अपनी पढ़ाई पूरी नहीं की।

उधर, तेजस्वी यादव ने मोकामा में अपनी ‘बिहार अधिकार यात्रा’ के दौरान लोगों को कलम बांटकर एक बड़ा संदेश देने की कोशिश की। उन्होंने भीड़ की ओर दर्जनों कलम उछालते हुए कहा कि उनकी पार्टी अब हथियार चलाने वालों को टिकट नहीं देगी। उन्होंने पूर्व विधायक अनंत सिंह का नाम लिए बिना उन पर निशाना साधा और कहा कि RJD के ‘गद्दार’ को मोकामा की जनता सबक सिखाएगी। तेजस्वी ने दावा किया कि अगर उनकी सरकार बनी तो अपराधियों का जेल ही स्थायी घर होगा, और अपराध तथा भ्रष्टाचार खत्म होगा। उन्होंने युवाओं को रोजगार देने का भी वादा किया।

तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर भी जमकर हमला बोला और कहा कि अपराधी को जेल भेजना और बाहर निकालना उनका काम है। उन्होंने आरोप लगाया कि नीतीश सरकार में भ्रष्टाचार चरम पर है। इस दौरान उनके साथ राज्यसभा सदस्य संजय यादव, पूर्व कानून मंत्री कार्तिकेय सिंह, लल्लू मुखिया, सुनीता देवी, और अशोक महतो जैसे नेता भी मौजूद रहे।

पत्रकारों से बात करते हुए तेजस्वी यादव ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के बिहार दौरे को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि चुनाव है, इसलिए ऐसे लोग आते-जाते रहते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अमित शाह बेरोजगारी खत्म करने या बिहार को विशेष राज्य का दर्जा देने नहीं आ रहे हैं, बल्कि अपने फायदे के लिए आ रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या पत्रकार की पिटाई करने वाले मंत्री पर कोई कार्रवाई होगी?

प्रशांत किशोर के बयानों पर उन्होंने कहा कि वे तो ऐसे ही बोलते रहते हैं। कुल मिलाकर, बिहार की राजनीति में कलम अब सिर्फ एक वस्तु नहीं, बल्कि शिक्षा, रोजगार और राजनीतिक विरासत पर एक तीखी बहस का प्रतीक बन गई है।

Share This Article