बिहार में जेडीयू-भाजपा का गठबंधन: क्या तेजस्वी यादव का नेता प्रतिपक्ष पद खतरे में?

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार में हालिया विधानसभा चुनाव के बाद से राजनीति में काफी हलचल मची हुई है। नीतीश कुमार के नेतृत्व में एनडीए सरकार बन चुकी है, और इस गठबंधन के भीतर सत्ता का समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं। इस बीच आरजेडी के नेता तेजस्वी यादव के भविष्य को लेकर कई सवाल उठने लगे हैं। विशेष रूप से, क्या तेजस्वी यादव का नेता प्रतिपक्ष पद सुरक्षित रहेगा या नहीं, यह चर्चा का विषय बन चुका है।

आरजेडी के प्रवक्ता मृत्युंजय तिवारी का दावा है कि जेडीयू के 65 विधायक आरजेडी के संपर्क में हैं और वे पार्टी बदलने को तैयार हैं। हालांकि, जेडीयू प्रवक्ता नीरज कुमार के अनुसार, आरजेडी के केवल 17-18 विधायक जेडीयू के संपर्क में हैं। इन दावों पर सच्चाई का पर्दाफाश तो समय बताएगा, लेकिन फिलहाल जेडीयू और एनडीए का गठबंधन मजबूत दिखाई दे रहा है।

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नीतीश कुमार ने अपनी सरकार के गठन के बाद कई अहम फैसले लिए हैं, जिसमें नए विभागों का गठन और योजनाओं का विस्तार शामिल है। नीतीश कुमार ने पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से भी दिल्ली में मुलाकात की थी, जिसमें बिहार के विकास के लिए केंद्र से अतिरिक्त मदद की मांग की जा सकती है।

वहीं, आरजेडी की स्थिति में लगातार गिरावट आई है। विधानसभा चुनाव में आरजेडी को केवल 25 सीटें मिलीं, जो उनकी पहले की स्थिति से बहुत कम हैं। इसके बावजूद तेजस्वी यादव ने नेता प्रतिपक्ष का पद हासिल किया है, लेकिन उनकी स्थिति अब उतनी मजबूत नहीं दिख रही है।

बिहार में सत्तारूढ़ नीतीश कुमार और भाजपा का गठबंधन अब तक मजबूत बना हुआ है। भाजपा की सीटों में वृद्धि और नीतीश की दी गई सीटों के बावजूद उनका गठबंधन एक-दूसरे के लिए लाभकारी साबित हो रहा है। इससे यह साफ है कि नीतीश कुमार और भाजपा के बीच गठबंधन अब लंबे समय तक कायम रह सकता है।

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