जेडीयू में ‘निशांत’ युग की शुरुआत: सदस्यता से पहले ही संभाली कमान, अब शुरू होगा नया अध्याय

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजनीति में रविवार, 8 मार्च का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ साबित होने वाला है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के पुत्र निशांत कुमार औपचारिक रूप से जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) की सदस्यता ग्रहण करने जा रहे हैं। हालांकि, सदस्यता लेने से पहले ही निशांत कुमार पूरी तरह ‘एक्शन मोड’ में नजर आ रहे हैं। शनिवार को उन्होंने जेडीयू के कद्दावर नेताओं और युवा विधायकों के साथ लंबी बैठक कर भविष्य की रणनीतियों पर मुहर लगा दी है।

संजय झा के आवास पर ‘शक्ति प्रदर्शन’ और मंथन
निशांत कुमार ने जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा के आवास पर एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक की खास बात यह रही कि इसमें पार्टी के लगभग 24 विधायक शामिल हुए, जिनमें 12 से अधिक युवा चेहरे थे। बैठक में परिवहन मंत्री श्रवण कुमार समेत कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे। सूत्रों के अनुसार, इस चर्चा का मुख्य केंद्र पार्टी में युवाओं की भागीदारी बढ़ाना और ‘विकसित बिहार’ के रोडमैप को जमीन पर उतारना था। निशांत ने विधायकों से फीडबैक लिया कि कैसे सरकारी योजनाओं को और प्रभावी बनाया जा सकता है।

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पटना की सड़कों पर ‘निशांत’ का स्वागत: नया शंखनाद
जेडीयू प्रदेश कार्यालय के बाहर और पटना के प्रमुख चौराहों पर बड़े-बड़े पोस्टर चस्पा किए गए हैं। इन पोस्टरों पर लिखा है— “बिहार की कमान, युवा सोच की उड़ान, निशांत के साथ, विकास का नया शंखनाद।” समर्थकों ने “विकसित बिहार के नए अध्याय की शुरुआत” के नारों के साथ निशांत कुमार का राजनीति में स्वागत किया है। कार्यकर्ताओं में इस बात को लेकर भारी उत्साह है कि पार्टी को अब एक युवा और शिक्षित नेतृत्व मिलने जा रहा है।

बिहार यात्रा पर निकलेंगे निशांत
पार्टी सूत्रों का कहना है कि 8 मार्च को सदस्यता ग्रहण करने के तुरंत बाद निशांत कुमार शांत नहीं बैठेंगे। वे जल्द ही पूरे बिहार की यात्रा पर निकलेंगे। इस यात्रा का उद्देश्य जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं से जुड़ना और नीतीश कुमार के विकास कार्यों को युवाओं के बीच ले जाना है।

एक तरफ बेटा सक्रिय, दूसरी तरफ सीएम का बख्तियारपुर दौरा
जहां एक तरफ निशांत पटना में सांगठनिक मजबूती दे रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री नीतीश कुमार शनिवार को अपने पैतृक क्षेत्र बख्तियारपुर के दौरे पर रहे। राज्यसभा नामांकन के बाद यह उनका पहला दौरा था। मुख्यमंत्री ने वहां इंजीनियरिंग कॉलेज का निरीक्षण किया और विकास कार्यों की समीक्षा की। राजनैतिक जानकार इसे ‘पीढ़ी परिवर्तन’ के सुव्यवस्थित संकेत के रूप में देख रहे हैं।

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