भारत को घेरने की ‘यूनुस’ साजिश: चीन-पाक के साथ मिलकर रची जा रही है पूर्वोत्तर को तोड़ने की योजना

Ritu Raj

ग्रेटर बांग्लादेश का ख्वाब या बर्बादी का रास्ता? भारत विरोधी एजेंडे पर चले यूनुस तो चुकानी होगी बड़ी कीमत

सिटी पोस्ट लाइव
बांग्लादेश में तख्तापलट के बाद सत्ता संभालने वाले अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस इन दिनों अपने प्रशासनिक कार्यों से ज्यादा भारत विरोधी रुख को लेकर चर्चा में हैं। कट्टरपंथियों के दबाव और अपनी कुर्सी बचाने की जद्दोजहद के बीच यूनुस ने अब भारत की रणनीतिक नस ‘सिलीगुड़ी कॉरिडोर’ (चिकन नेक) पर डोरे डालना शुरू कर दिया है। हालांकि, सामरिक विशेषज्ञों का मानना है कि बांग्लादेश की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि उसकी ‘गर्दन’ पूरी तरह भारत के जबड़े में है। यदि ढाका से कोई भी नापाक कोशिश हुई, तो भारत की सैन्य शक्ति उसे पल भर में धूल चटाने की क्षमता रखती है।

पुश नोटिफिकेशन के लिए सब्सक्राइब करें।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर और यूनुस के नापाक मंसूबे
मोहम्मद यूनुस ने हाल के महीनों में दो ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया है जिसने भारत की चिंता बढ़ा दी है। पहला, चीन दौरे के दौरान उन्होंने पूर्वोत्तर के सात राज्यों (7 Sisters) में चीन की पैठ बनाने का खुला निमंत्रण दिया। दूसरा, अक्टूबर 2025 में उन्होंने एक पाकिस्तानी जनरल को ऐसी किताब भेंट की जिसमें असम और पूर्वोत्तर के राज्यों को बांग्लादेश का हिस्सा दिखाया गया था। बांग्लादेशी नेता हसनत अब्दुल्ला के अलगाववादियों को शरण देने वाले बयान ने आग में घी डालने का काम किया है। इनका स्पष्ट उद्देश्य भारत के मुख्य भू-भाग को पूर्वोत्तर से जोड़ने वाले संकरे ‘चिकन नेक’ को बाधित करना है।

हासीमारा एयरबेस: भारत का अजेय सुरक्षा कवच
भारत ने इस खतरे को देखते हुए अपनी सुरक्षा दीवार पहले ही मजबूत कर रखी है। बांग्लादेश सीमा से महज 80-100 किलोमीटर दूर स्थित हासीमारा एयरफोर्स स्टेशन रणनीतिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण है। यहाँ भारत की सबसे घातक युद्धक मशीनें तैनात हैं:

• राफेल फाइटर जेट: 2000 किमी/घंटा की रफ्तार से हमला करने में सक्षम।

• S-400 एयर डिफेंस: किसी भी हवाई हमले को सीमा पार ही नष्ट करने की ताकत।

• ब्रह्मोस मिसाइल: 3700 किमी/घंटा की सुपरसोनिक गति से लक्ष्य को भेदने वाली मिसाइल।

तीन तरफ से घिरा बांग्लादेश: प्रलय आने में नहीं लगेगी देर
मोहम्मद यूनुस को यह नहीं भूलना चाहिए कि बांग्लादेश तीन तरफ से भारतीय सीमा (पश्चिम बंगाल, असम, मेघालय, त्रिपुरा और मिजोरम) से घिरा है। बांग्लादेश की 90% सीमा भारत से लगती है। यदि ढाका की ओर से कोई भी शत्रुतापूर्ण कदम उठाया जाता है, तो भारत की वायुसेना और थल सेना चंद मिनटों में पूरे बांग्लादेश की घेराबंदी कर सकती है। राफेल और ब्रह्मोस जैसे हथियारों के सामने न तो चीन की मदद काम आएगी और न ही पाकिस्तान का साथ।

राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यूनुस सरकार देश की आंतरिक हिंसा और अल्पसंख्यकों पर हो रहे हमलों से ध्यान भटकाने के लिए भारत विरोधी कार्ड खेल रही है। लेकिन ‘चिकन नेक’ को काटने का ख्वाब देखने वालों को यह समझना होगा कि ऐसी किसी भी कोशिश का अंजाम बांग्लादेश के अस्तित्व के लिए प्रलयकारी साबित हो सकता है।

Share This Article