By, Shrikant Pratyush
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तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी, कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक को 13 महीने का वेतन

आवास बोर्ड व खासमहल की जमीन फ्री-होल्ड

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विधानसभा चुनाव के ठीक पहले झारखंड सरकार ने तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में मंगलवार को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने बताया कि रांची जमशेदपुर और धनबाद समेत अन्य शहरों में हाउसिंग बोर्ड की जमीन को फ्री होल्ड करने का निर्णय लिया गया।

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तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी, कांस्टेबल से इंस्पेक्टर तक को 13 महीने का वेतन

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: विधानसभा चुनाव के ठीक पहले झारखंड सरकार ने तीन महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में मंगलवार को रांची स्थित झारखंड मंत्रालय में हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक के बाद नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने बताया कि रांची जमशेदपुर और धनबाद समेत अन्य शहरों में हाउसिंग बोर्ड की जमीन को फ्री होल्ड करने का निर्णय लिया गया। इस मौके पर राजस्व एवं भूमि सुधार निबंधन मंत्री बताया कि खासमहाल भूमि को भी फ्री होल्ड कर दिया गया है। प्रेस ब्रीफिंग में उपस्थित मुख्य सचिव डी.के. तिवारी ने बताया कि एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में राज्य पुलिस कर्मियों को 13 महीने का वेतन देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। नगर विकास मंत्री सीपी सिंह ने बताया कि झारखंड राज्य आवास बोर्ड की जमीन को फ्री-होल्ड कर देने के बाद शर्ते पूरी करने वाले लोग अपनी जमीन की खरीद-बिक्री कर सकेंगे। वहीं भूमि राजस्व मंत्री अमर कुमार बाउरी ने बताया कि खास महल की आवासीय भूमि पर 15 प्रतिशत शुल्क और व्यवसायिक भूमि पर 30 प्रतिशत शुल्क अदायगी करने के बाद फ्री होल्ड हो सकेंगे। हालांकि खासमहल की जमीन को फ्री-होल्ड कराने के लिए लीज का नवीकरण जरूरी होगा। उन्होंने यह भी बताया कि जमशेदपुर में टाटा लीज की भूमि पर बसे लोगों को भी मालिकाना हक देने का काम शुरू कर दिया गया है, अभी तीन आवेदन आये थे, उन्हें मालिकाना हक देने का निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि खास महाल भूमि रिलीज की गई भूमि को फ्रीहोल्ड करने का निर्णय बेंम इल बेंम आधार पर लिया जाएगा. फ्री होल्ड करने के पूर्व यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लोक उपयोगिता के लिए संबंधित भूमि को फ्री होल्ड करने की आवश्यकता नहीं है. मुख्य सचिव डी.के. तिवारी ने बताया कि राज्य के पुलिस कर्मी पर्व-त्योहार, छुट्टी में भी निर्धारित ड्यूटी से अधिक काम करते है, इसलिए राज्य सरकार ने  कांस्टेबल, एएसआई, सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर तथा चतुथवर्गीय पुलिस कर्मियों को साल में 12 की जगह 13 महीने का वेतन और डीए देने का निर्णय लिया है, इस निर्णय से पुलिसकर्मियों की कार्यक्षमता बढ़ने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि राज्य के पुलिस बल में कार्यरत चतुर्थवर्गीय कर्मी, आरक्षी, हवलदार, सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक तथा निरीक्षक को एक माह का अतिरिक्त मानदेय दिए जाने की स्वीकृति दी गई. प्रत्येक वित्तीय वर्ष के अप्रैल माह में इन कर्मियों को जो वेतन (मूल वेतन$महंगाई भत्ता) प्राप्त होगा उसके समतुल्य मानदेय राशि का भुगतान वित्तीय वर्ष की समाप्ति पर मार्च माह में प्राप्त होने वाले फरवरी माह के वेतन के साथ किया जाएगा।

लोकनाथ प्रसाद तीन वर्ष्ज्ञ के लिए पिछड़ा आयोग अध्यक्ष पद पर बने रहेंगे
सेवानिवृत्त न्यायधीश लोकनाथ प्रसाद   अध्यक्ष पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि से आगामी 3 वर्षों के लिए अध्यक्ष के रूप में पुनः मनोनीत करने की स्वीकृति दी गई.

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214 लघु सिंचाई परियोजनाओं के लिए 185करोड़
लघु सिंचाई प्रक्षेत्राधीन 214 अदद आहर, बांध, तालाब मध्यम सिंचाई योजनाओं के जीर्णोद्धार कार्य के लिए लागत राशि 185 करोड़ 8 लाख 97 हजार 7 सौ रुपये मात्र की प्रशासनिक स्वीकृति दी गई। बिरसा मुंडा स्मृति पार्क आवासीय परियोजना रांची में 180 आवासों के निर्माण के लिए 17 करोड़ 37 लाख 1 हजार 7 सौ रुपए मात्र पर पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति दी गई. एक अन्य प्रस्ताव में  संशोधित झारखंड नगरपालिका व्यापार अनुज्ञप्ति (लाइसेंस) विनियमावली, 2017 में संशोधन की स्वीकृति दी गई। चतुर्थ झारखंड विधानसभा के (सत्रवहें) विशेष सत्र दिनांक 13 सितंबर 2019 के सत्रावसान के लिए मंत्रिपरिषद की स्वीकृति दी गई. पूर्वी सिंहभूम (जमशेदपुर) एवं धनबाद में मोटर वाहन दुर्घटना दावा न्यायाधिकरण में स्थापना के सुचारू संचालन के लिए वर्ग 3 एवं वर्ग 4 के कुल सात अराजपत्रित पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। ग्रामीण विकास विभाग झारखंड के अंतर्गत राज्य के गांवों में पारंपरिक शिल्प कला कौशल को विकसित करने के लिए 30038.00 लाख से “मुख्यमंत्री आजीविका संवर्धन“ योजना के क्रियान्वयन की एवं इसके लि लिए वित्तीय वर्ष 2019-20 20 में बजटीय उपबंध के विरुद्ध कुल राशि 25 करोड़ के व्यय की स्वीकृति दी गई।

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