By, Shrikant Pratyush
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शिक्षा पर गरमायी बिहार की सियासत, आज नवादा में उपवास पर बैठेंगे उपेन्द्र कुशवाहा

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रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा शिक्षा को लेकर लगातार नीतीश सरकार पर हमलावर हैं। एक तरह से कहें तो उन्होंनें नीतीश कुमार के खिलाफ राजनीतिक हमले के लिए शिक्षा सुधार अभियान को धारदार हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं।

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शिक्षा पर गरमायी बिहार की सियासत, आज औरंगाबाद में उपवास पर बैठेंगे उपेन्द्र कुशवाहा

सिटी पोस्ट लाइवः रालोसपा अध्यक्ष उपेन्द्र कुशवाहा शिक्षा को लेकर लगातार नीतीश सरकार पर हमलावर हैं। एक तरह से कहें तो उन्होंनें नीतीश कुमार के खिलाफ राजनीतिक हमले के लिए शिक्षा सुधार अभियान को धारदार हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रहे हैं। कल वे औरंगाबाद में उपवास पर बैठे थे और आज वे नवादा में उपवास पर बैठेंगे। आपको बता दें कि बिहार में नए केंद्रीय विद्यालयों की स्थापना में सहयोग न देने के विरोध में कुशवाहा दो दिवसीय उपवास पर हैं. केंद्रीय मानव संसाधन राज्य मंत्री ने शिक्षा सुधार के मुद्दे पर बिहार सरकार को खुली बहस की चुनौती भी दी है. इससे पहले कुशवाहा ये बोल चुके हैं कि अगर उनकी 25 सूत्री मांगों को राज्य सरकार मान लेती है तो वे किसी भी अपमान को भूलने के लिए तैयार हैं.

उपेन्द्र कुशवाहा ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था को चैपट करने का आरोप नीतीश कुमार पर लगाया है। उन्होनंे नीतीश सरकार पर केन्द्रीय विद्यालयों के लिए जमीन उपलब्ध नहीं कराने के भी आरोप लगाये हैं। उपेन्द्र कुशवाहा ने पहले हीं एलान किया था कि अगर 7 दिसम्बर तक सरकार ने जमीन हस्तांतरण की घोषणा नहीं की तो वह आठ दिसम्बर को औरंगाबाद और 9 दिसम्बर को नवादा में उपवास पर बैठेंगे। वे एनडीए में रहते हुए लंबे वक्त से शिक्षा सुधार को लेकर बिहार सरकार को घेरते रहे हैं।

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सीट शेयरिंग को लेकर रालोसपा और बीजेपी के बीच रिश्ते बेहद तल्ख हुए हैं और इतने तल्ख हुए है कि दोस्ती अब टूट की कगार पर जा पहुंची है। जब उपेन्द्र कुशवाहा ने बीजेपी को जुमला पार्टी कह दिया है तो अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि तल्खी किस हद तक है। जाहिर उपेन्द्र कुशवाहा शिक्षा सुधार के रूप में 2019 से पहले एक बड़े राजनीतिक मुद्दे की पौध सींच रहे हैं ताकि एन वक्त पर सियासत की इस लहलहाती फसल को काटी जा सके।

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