बिहार विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दूसरे दिन भी शपथ ग्रहण का माहौल उतना ही दिलचस्प रहा, जितना पहले दिन रहा था। पहले दिन जहाँ RJD विधायक अनीता महतो शपथ की निर्धारित पंक्तियों से हटकर भाषण देने लगी थीं, वहीं मंगलवार को बीजेपी विधायक विनय बिहारी ने भी परंपरा को तोड़ते हुए शपथ के दौरान गाना गाने की कोशिश कर सबका ध्यान खींच लिया। प्रोटेम स्पीकर को एक बार फिर हस्तक्षेप करना पड़ा और उन्हें निर्धारित फॉर्मेट में शपथ दिलवाई गई।
दरअसल, पहले दिन आठ विधायक शपथ नहीं ले सके थे, इसलिए दूसरे दिन प्रोटेम स्पीकर नरेंद्र नारायण यादव ने बचे हुए विधायकों को बारी-बारी शपथ के लिए आमंत्रित किया। वहीं, सबसे पहले मंत्री मदन सहनी ने शपथ ली। इसके बाद जैसे ही लौरिया से बीजेपी विधायक विनय बिहारी का नाम पुकारा गया, सदन का माहौल बदलता दिखा। विनय बिहारी ने मंच पर पहुंचकर अनुरोध किया कि वे शपथ भोजपुरी में लेना चाहते हैं और इसकी अनुमति दी जाए। लेकिन बात यहीं नहीं रुकी। निर्धारित शपथ पढ़ने से पहले ही उन्होंने अपने लिखे भोजपुरी गीत के बोल गुनगुनाने शुरू कर दिए- “धीरन के धीर हिय, वीरन के बानी, मुकुट हिअ भोज के, कुंवर के कहानी… अ हमरे भोजपुरी भगवान पढ़ने बाड़े महोदय, कि औरन के माय हिय और हिंदी के नानी।” हालांकि, अचानक हुए इस प्रदर्शन पर प्रोटेम स्पीकर ने उन्हें तुरंत टोकते हुए स्पष्ट कहा कि वे वही शपथ पढ़ें जो विधानसभा की ओर से निर्धारित फॉर्मेट में उन्हें दी गई है। इसके बाद विनय बिहारी को औपचारिक शपथ पढ़वाई गई।
इस दौरान कुछ विधायकों ने उनकी शैली पर आपत्ति जताई तो विनय बिहारी ने भी साफ़ जवाब दिया कि वे शपथ तो लेंगे ही, लेकिन भोजपुरी को उचित दर्जा दिलाने की बात भी उठाते रहेंगे। उन्होंने कहा, “इतने लोग नहीं चाहते कि भोजपुरी को भाषा का दर्जा मिले, जबकि 32 जिलों में यह बोली जाती है।” किसी सदस्य के यह कहने पर कि वे शपथ की जगह गाना गाने लगे, विनय बिहारी मुस्कुराकर बोले- “गायक बनकर ही तो हम विधायक बने हैं।” उन्होंने निर्धारित फॉर्मेट में हिंदी में शपथ पूरी की और सदन की कार्यवाही आगे बढ़ी।