भारत ने पहली बार विमेंस वर्ल्ड कप 2025 जीतकर इतिहास रच दिया, लेकिन इस ऐतिहासिक जीत के पीछे एक ऐसी खिलाड़ी की कहानी है जिसने मैदान से बाहर रहकर भी करोड़ों दिल जीत लिए। टीम इंडिया की युवा स्टार प्रतिका रावल, जिन्होंने ग्रुप स्टेज में शानदार प्रदर्शन कर भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाया, चोटिल होकर फाइनल तक टीम के साथ सिर्फ व्हीलचेयर पर ही रह सकीं। पैर में गंभीर चोट के बावजूद प्रतिका ने ड्रेसिंग रूम से लेकर मैदान तक अपनी टीम का हौसला बढ़ाया और जीत के बाद व्हीलचेयर पर बैठकर भांगड़ा किया।
प्रतिका रावल भले ही इंजरी की वजह से वर्ल्ड कप के निर्णायक मुकाबलों से बाहर हो गई थीं, लेकिन टीम इंडिया ने इस ऐतिहासिक जीत के जश्न में अपनी इस जाबांज खिलाड़ी को बिल्कुल नहीं भुलाया। वर्ल्ड कप फाइनल के दौरान प्रतिका डगआउट में टीम के साथ नजर आईं। जैसे ही भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराकर इतिहास रच दिया। व्हीलचेयर पर बैठी प्रतिका रावल ने साथियों के साथ जीत का जश्न मनाया और उन्होंने व्हीलचेयर से खड़े होकर भांगड़ा भी किया। उनके इस जोश ने दर्शकों से लेकर साथी खिलाड़ियों तक सभी की आंखें नम कर दीं। वहीं, भारत की ओपनिंग बल्लेबाज प्रतिका रावल टूर्नामेंट की शुरुआत से ही बेहतरीन फॉर्म में थीं। उन्होंने ग्रुप स्टेज में कई निर्णायक पारियां खेलीं और भारत को टॉप-4 में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। चोटिल होने के बावजूद उन्होंने टीम के मनोबल को गिरने नहीं दिया और हर मैच में मानसिक मजबूती का स्रोत बनी रहीं। आंकड़ों की बात करें तो प्रतिका रावल ने वर्ल्ड कप में 7 में से 6 पारियों में बल्लेबाज़ी करते हुए 51.33 की औसत से 308 रन बनाए। वे टूर्नामेंट में चौथी सबसे ज्यादा रन बनाने वाली खिलाड़ी रहीं। भारत के लिए सर्वाधिक रन स्मृति मंधाना ने बनाए, जबकि दूसरे स्थान पर प्रतिका रहीं।
प्रतिका रावल के चोटिल होने के बाद टीम इंडिया के लिए सबसे बड़ा सवाल था कि अब स्मृति मंधाना के साथ ओपनिंग कौन करेगा? ऐसे में टीम मैनेजमेंट ने युवा बल्लेबाज शेफाली वर्मा पर भरोसा जताया। शेफाली भले ही सेमीफाइनल में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ बड़ी पारी न खेल सकीं, लेकिन फाइनल में उन्होंने अपने करियर की सबसे यादगार इनिंग खेली। साउथ अफ्रीका के खिलाफ शेफाली ने 87 रनों की विस्फोटक पारी खेली और साथ ही गेंदबाज़ी में 2 अहम विकेट लेकर भारत की जीत में दोहरी भूमिका निभाई। प्रतिका रावल की गैरमौजूदगी में शेफाली ने टीम को नई शुरुआत दी, तो प्रतिका ने ड्रेसिंग रूम से टीम के मनोबल को ऊंचा बनाए रखा।