By, Shrikant Pratyush
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धूप के बावजूद तेज हवाओं से बढ़ी कनकनी,जलने लगे हैं जगह-जगह अलाव 

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वैसे तो ठंढ का मौसम गर्मी के मौसम की तुलना में ज्यादा अच्छा माना जाता है. लेकिन इस ठंढ के मौसम से लोगों के दैनिक कार्यकलाप भी प्रभावित होते हैं.

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धूप के बावजूद तेज हवाओं से बढ़ी कनकनी,जलने लगे हैं जगह-जगह अलाव

सिटी पोस्ट लाईव – वैसे तो ठंढ का मौसम गर्मी के मौसम की तुलना में ज्यादा अच्छा माना जाता है. लेकिन इस ठंढ के मौसम से लोगों के दैनिक कार्यकलाप भी प्रभावित होते हैं. बच्चों के स्कूल पर भी इसका असर पड़ता है. अब इस ठंढ का असर भी दिखना शुरू हो गया है. ठंढ ने बिहार ही नहीं बल्कि भारत के अन्य राज्यों में भी अपना तांडव दिखाना शुरू कर दिया है. बिहार सहित कई राज्यों में चल रही बर्फीली हवाओं ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है. वृहस्पतिवार को पटना का न्यूनतम तापमान 8.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. वहीँ मौसम विभाग का कहना है कि हवा में नमी की मात्रा बढ़ने के कारण अभी कनकनी रहेगी. 

मौसम विभाग के अनुसार, अगले 24 से 48 घंटे के दौरान राज्य के अधिकांश क्षेत्रों में मौसम साफ रहेगा तथा न्यूनतम तापमान में गिरावट आने की संभावना है. शाम होने के बाद कोहरे का असर प्रारंभ हो जाएगा, जो सुबह दिन चढ़ने तक बना रहेगा. इस बीच ठंडी हवाएं चलेंगी. बिहार के गया का गुरुवार को न्यूनतम तापमान 7.0 डिग्री सेल्सियस तथा पूर्णिया का 6.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. . मौसम विभाग के अनुसार, हिमालय की तराई क्षेत्रों में बर्फबारी के कारण पूरे उत्तर भारत में ठंडी हवाएं चल रही हैं, जिससे तापमान लगातार नीचे जा रहा है. अभी मौसम और ठंडा होगा.

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यह ठंढ जनवरी के महीने में अपने पुरे शवाब पर होता है. लेकिन जनवरी महीना के पहले ही इसने दस्तक दे दिया है. मौसम विभाग का मानना है  इस ठंढ में  30 दिसंबर से और गिरावट हो जाएगी. शुक्रवार इस मौसम का सबसे ठंडा दिन रहा. गया कोल्‍ड वेब की चपेट में रहा. तापमान में अभी और गिरावट आएगी. डॉक्‍टरों ने ठंड में विशेष सावधानी बरतने की हिदायत दी है.

 

 

 

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