By, Shrikant Pratyush
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हड़िया-दारु बेचती नहीं दिखेंगी महिलाएं, रोजगार से जोड़ना सरकार की प्राथमिकता: सीएम

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मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में अब कोई भी महिला सड़क पर हड़िया-दारु बेचती नही दिखे यह राज्य सरकार का संकल्प है। कोई भी महिला हड़िया-दारु बनाने और बेचने का कार्य मजबूरी में ही करती हैं।

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सिटी पोस्ट लाइव, रांची: मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि झारखंड में अब कोई भी महिला सड़क पर हड़िया-दारु बेचती नही दिखे यह राज्य सरकार का संकल्प है। कोई भी महिला हड़िया-दारु बनाने और बेचने का कार्य मजबूरी में ही करती हैं। हड़िया-दारु बनाने और बेचने वाली महिलाओं को अब आजीविका से जोड़कर तथा हर संभव मदद कर उन्हें मुख्यधारा में लाने का काम सरकार करेगी। अभियान चलाकर इन महिलाओं को रोजगार से जोड़ा जाएगा। सरकार ने इसकी शुरुआत आज से कर दी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि समाज में हड़िया-दारु एक अभिशाप है। हड़िया-दारु समाज को कैंसर की तरह जकड़ रहा है। राज्य में कई जगहों पर महिलाओं ने अब हड़िया-दारु के उत्पादन का विरोध भी किया है। शराब बेचकर परिवार चलाने के लिए अब महिलाएं मजबूर न हों इस निमित्त आज तीन अभियान का शुभारंभ किया जा रहा है। उक्त बातें मुख्यमंत्री ने आज झारखंड मंत्रालय के सभागार में “आजीविका संवर्धन हुनर अभियान-आशा“ एवं “फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान“ का शुभारंभ तथा “पलाश-ब्रांड“ का अनावरण करते हुए कहीं।

पलाश ब्रांड को विश्वस्तरीय बनाएं
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने कहा कि आने वाले समय में पलाश ब्रांड को देश और दुनिया में अलग पहचान देनी है। हम सभी को पलाश ब्रांड को एक विश्वस्तरीय ब्रांड बनाने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि हम सभी लोग मिलकर पलाश ब्रांड को आगे ले जाने का कार्य करेंगे तो निश्चित ही राज्य की महिलाओं के सशक्तिकरण में पलाश ब्रांड मील का पत्थर साबित हो सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सभी लोग किसी भी उत्पाद का प्रयोग करने से पहले कंपनी अथवा ब्रांड को देखते हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पलाश सरकार का ब्रांड है जो भी उत्पाद इस ब्रांड के अंतर्गत रखी जाएगी अथवा बेची जाएगी वह पलाश के नाम से बिकेगा। पलाश ब्रांड को सही तरीके से बढ़ाने में अगर हम कामयाब होंगे तो इसकी सीमाएं बहुत आगे तक जाएंगी। मुख्यमंत्री ने टाटा एवं अमूल  का भी उदाहरण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लिज्जत पापड़ एवं अमूल का सारा उत्पाद महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा ही बनाया जाता है। पलाश ब्रांड को भी महिला दीदीयों द्वारा उत्पादन किए गए उत्पाद से ही आगे ले जाना है। पलाश ब्रांड में फिलहाल सिर्फ खाने पीने के ही उत्पाद दिख रहे हैं, आने वाले समय में जूता, चप्पल, साड़ी इत्यादि भी पलाश ब्रांड के तहत बेची जा सकेगी।

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार कर रही कार्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार ने ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कार्य करना प्रारंभ कर दिया है। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में राज्यवासियों से अपील किया कि सरकार की इस मुहिम में आप अपना पूरा योगदान दें। पलाश ब्रांड का उपयोग करें। यह ब्रांड अन्य ब्रांड से सस्ती भी हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि मैं स्वयं अपने घर में पलाश ब्रांड के उत्पाद का उपयोग करूंगा। उन्होंने लोगों से अपील किया कि राष्ट्रपिता महात्मा गांधी के बताए रास्ते पर चलकर ही हम आर्थिक रूप से सशक्त हो सकते हैं। अतएव स्वदेशी अपनाना हम सभी का कर्तव्य है।

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17 लाख परिवारों को जोड़ने की पहल सराहनीय
मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन ने ग्रामीण विकास विभाग के द्वारा संचालित किए जाने वाले “आजीविका संवर्धन हुनर अभियान-।ैभ्।“, पलाश ब्रांड एवं फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान के तहत राज्य के 17 लाख परिवारों को जोड़ने की पहल सराहनीय की सराहना की। मुख्यमंत्री ने कहा कि हाल के दिनों में राज्य सरकार द्वारा सखी मंडलों के आर्थिक सशक्तिकरण हेतु 600 करोड़ रुपये दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि मैंने स्वयं अपने हाथों से दुमका में डेढ़ सौ करोड़ रुपये सखी मंडलों के बीच बांटने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि राज्य की महिलाएं एक-एक सीढ़ी आगे बढ़ रही हैं इसे हम सभी को मिलकर गति देने का काम करना है।

राज्य सरकार रोजगार देने में सक्षम
इस अवसर पर ग्रामीण विकास विभाग के मंत्री आलमगीर आलम ने संबोधित करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन के नेतृत्व में झारखंड नित नए आयामों को छूने का प्रयास कर रही है। हमारी सरकार लॉक डाउन की स्थिति में 7 लाख 62 हजार लोगों को रोजगार देने में सफल रही है। वर्तमान में प्रतिदिन छह लाख 50 हजार लोगों को रोजगार दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार रोजगार देने में सक्षम है। मंत्री श्री आलमगीर आलम ने “आजीविका संवर्धन हुनर अभियान एवं “फूलो-झानो आशीर्वाद अभियान“ का शुभारंभ तथा “पलाश-ब्रांड“ को गांव-गांव तक पहुंचा कर इसके उद्देश्य को अमलीजामा पहनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अब महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा उत्पादन किए गए उत्पादों को पलाश ब्रांड के अंतर्गत बेचने का काम किया जाएगा। इन तीनों योजनाओं को धरातल पर उतारकर राज्य को आर्थिक मजबूती देनी है। उन्होंने कहा कि कोविड-19 संक्रमण काल में भी मुख्यमंत्री के नेतृत्व में झारखंड ने हर क्षेत्र में अच्छा काम कर दिखाया है।

इस अवसर पर सभागार परिसर में पलाश ब्रांड के उत्पाद का प्रदर्शनी भी लगाया गया था। मुख्यमंत्री   हेमन्त सोरेन ने सहित सभी मंत्रियों ने इस प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया। इस अवसर पर “पलाश उत्पादन प्रचार सह बिक्री वाहन“ को हरी झंडी दिखाकर रवाना भी किया गया। इस अवसर पर मंत्री चंपाई सोरेन, मंत्री बन्ना गुप्ता, मंत्री   बादल, मंत्री  सत्यानंद भोक्ता, विधायक   अंबा प्रसाद, मुख्य सचिव   सुखदेव सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव   राजीव अरुण एक्का, सचिव   आराधना पटनायक,  जेएसएलपीएस के सीईओ   राजीव कुमार सहित महिला स्वयं सहायता समूह की महिलाएं एवं जेएसएलपीएस के कर्मी उपस्थित थे।

आजीविका संवर्धन हुनर अभियान आशा
आजीविका संवर्धन हुनर अभियान के जरिए 17 लाख ग्रामीण महिलाओं को आजीविका के सशक्त साधनों से जोड़ा जाएगा।
कृषि आधारित आजीविका, पशुपालन, वनोपज संग्रहण एवं प्रसंस्करण, उद्यमिता समेत स्थानीय संसाधनों से जुड़े स्वरोजगार के अवसर भी ग्रामीण महिलाओं को उपलब्ध कराए जाएंगे। मिशन सक्षम के डेटाबेस में दर्ज 4.71 लाख प्रवासियों में से करीब 3.6 लाख प्रवासियों के परिवार को आशा के तहत फायदा होगा। ग्रामीण विकास विभाग अंतर्गत झारखंड स्टेट लाइवलीहुड परियोजना द्वारा संचालित विभिन्न परियोजनाओं के तहत करीब 1200 करोड़ की राशि का प्रावधान।

फुलो झानो आशीर्वाद योजना
फुलो झानो आशीर्वाद योजना के तहत हड़िया-दारु के निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी ग्रामीण महिलाओं को चिन्हित कर सम्मानजनक आजीविका के साधनो से जोड़ा जाएगा। राज्य की 15 हजार से ज्यादा हड़िया-दारु निर्माण एवं बिक्री से जुड़ी महिलाओं का सर्वेक्षण मिशन नवजीवन के तहत किया जा चुका है। इन महिलाओं का काउंसेलिंग कर मुख्यधारा के आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। चिन्हित महिलाओं को इच्छानुसार वैकल्पिक स्वरोजगार एवं आजीविका से जोड़ने का कार्य किया जाएगा। चुनिंदा महिलाओं को आजीविका मिशन के तहत सक्रिय कैडर के रुप में चुने जाने का प्रावधान है वो अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणास्रोत की तरह कार्य करेंगी।

पलाश ग्रामीण महिलाओं की श्रमशक्ति का सम्मान
ग्रामीण विकास विभाग ने सखी मंडल की महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को पलाश ब्राण्ड के तहत बाजार से जोड़ने की तैयारी की है।राज्य की ग्रामीण महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों को अच्छी पैकेजिंग, ब्राण्डिंग एवं मार्केटिंग की सुविधा इस पहल के जरिए दी जाएगी। ग्रामीण महिलाओं को एक सफल उद्यमी के रुप में स्थापित करने में पलाश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। ग्रामीण महिलाओं की आय में बढ़ोतरी के लिए पलाश पहल मील का पत्थर साबित होगा। सखी मंडल की दीदियां कृषि उत्पाद, मास्क, सैनिटाईजर, सजावटी सामान सामान समेत तमाम उत्पादों का निर्माण कर रही है, पलाश इन उत्पादों को एक नया ब्राण्ड वैल्यू देगा।

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