By, Shrikant Pratyush
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आरजेडी उम्मीदवारों की सूची को लालू प्रसाद से मिली हरी झंडी

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बिहार विधानसभा में पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने का सिलसिला जारी है और सभी प्रमुख राजनीतिक दल गठबंधन के स्वरूप के साथ उम्मीदवारों की सूची को भी अंतिम रूप देने में जुटे हैं।

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सिटी पोस्ट लाइव, रांची: बिहार विधानसभा में पहले चरण के लिए नामांकन दाखिल करने का सिलसिला जारी है और सभी प्रमुख राजनीतिक दल गठबंधन के स्वरूप के साथ उम्मीदवारों की सूची को भी अंतिम रूप देने में जुटे हैं। वहीं बिहार में मुख्य विपक्षी दल राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव जेल में रहने के बावजूद चुनाव कमान को अपने हाथ में संभाले हुए है।आरजेडी में प्रत्यक्ष तौर पर तो सारे नीतिगत निर्णय और उम्मीदवारों पर फैसला लेते तेजस्वी यादव दिख रहे है, लेकिन पर्दे के पीछे से आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव की सहमति से ही संगठन के अंदर सारे महत्वपूर्ण निर्णय लिये जा हरे है। बताया गया है कि लालू प्रसाद यादव के करीबी विधायक भोला प्रसाद यादव पहले चरण में होने वाले विधानसभा सीटों के उम्मीदवारों की सूची को लेकर रांची पहुंचे थे और उस सूची में आवश्यक फेरबदल और दिशा-निर्देश के साथ प्रत्याशियों नाम पर सहमति प्रदान कर दी है। इससे पहले महागठबंधन में सीटों के बंटवारे पर भी लालू प्रसाद यादव की सहमति के बाद ही पटना में घोषणा की गयी। यह भी चर्चा है कि जल्द ही तेजस्वी प्रसाद रांची आकर अपने पिता और पार्टी सुप्रीमो लालू प्रसाद से मुलाकात कर सकते हैं। इधर, रविवार को भी रांची के रिम्स निदेशक के केली बंगला के बाहर लालू प्रसाद यादव से मुलाकात के लिए बिहार से आये आरजेडी नेताओं की भीड़ लगी रही। वहीं टिकट की चाह में महागठबंधन में शामिल सहयोगी घटक दलों के नेता भी पैरवी के लिए लालू प्रसाद से मिलने रांची पहुंच रहे है।

जमानत याचिका पर सुनवाई 9 को, जेल से नहीं निकलेंगे
चारा घोटाला मामले के सजायाफ्ता लालू प्रसाद आगामी बिहार चुनाव के लिए अभी जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे। हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बावजूद भी वह जेल में ही रहेंगे। चारा घोटाला के चाईबासा कोषागार से अवैध निकासी मामले में लालू प्रसाद की जमानत याचिका पर झारखंड हाई कोर्ट में 9 अक्टूबर को सुनवाई होगी। लालू प्रसाद की ओर से इस मामले में सजा की आधी अवधि पूरा होने और विभिन्न बीमारियों को आधार बताते हुए जमानत देने का आग्रह किया गया है। लालू प्रसाद के वकीलों ने बताया कि  9 अक्टूबर होने वाली सुनवाई में इस मामले में उन्हें जमानत मिल भी जाती है, तब भी वे अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।   दुमका कोषागार से अवैध निकासी मामले में भी जमानत मिलने के बाद ही वह जेल से बाहर आ सकते हैं।

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