By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

अधिवक्ताओं की बैठक में क्रमिक अनशन की बनी रणनीति

- sponsored -

अधिवक्ताओं की बैठक गुरुवार को अधिवक्ता संघ के कार्यालय में हुई। बैठक में अधिकांश वकीलों ने क्रमिक अनशन करने की वकालत की।

Below Featured Image

-sponsored-

अधिवक्ताओं की बैठक में क्रमिक अनशन की बनी रणनीति
सिटी पोस्ट लाइव, मेदिनीनगर: अधिवक्ताओं की बैठक गुरुवार को अधिवक्ता संघ के कार्यालय में हुई। बैठक में अधिकांश वकीलों ने क्रमिक अनशन करने की वकालत की। वकीलों ने कहा कि वे अपना सम्मान बचाने के लिये आंदोलन की अंतिम चरण आमरण अनशन की ओर हम सभी बढ़ रहे हैं। बैठक में 13 अधिवक्ता ने अपना नाम आमरण अनशन के लिए अधिवक्ता संघ को दिया है। संघ ने यह प्रक्रिया शुरू करने के पूर्व वैधानिक प्रक्रिया करने के बाद भी यदि कार्यवाही नहीं कि जाति है तब सोमवार से आंदोलन क्रमिक अनशन के रूप में तब्दील की जा सकती है। संघ के सभी वरीय अधिवक्ताओं की मैराथन विमर्श जारी है। बैठक में वकीलों ने निर्णय लिया कि उन्हें न्याय नहीं मिलने तक सभी ने अपने को न्यायिक कार्य से अलग रहेंगे।
इस इस बीच मुवकिल काफी परेशान दिखे। शपथ पत्र ,एकरारनामा का कार्य पूर्णतया बंद है। पलामू के लोग भी सोचने को बाध्य हो रहे हैं कि आखिर जिला अधिवक्ता संघ का आंदोलन थमने का नाम क्यों नही ले रहा है । उच्च न्यायालय के हस्तक्षेप नहीं होने से अधिवक्ता अपनी मांग पर मुस्तैदी से अड़े हुए हैं। अधिवक्ता के हड़ताल के 13 दिन बीत जाने के बाद भी अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है। बार व बेंच के इस संघर्ष को पूरे राज्य व देश की जनता देख रही है। बताते चलें कि पलामू के प्रभारी प्रधान जिला व सत्र न्यायाधीश व प्रथम जिला व सत्र न्यायाधीश पंकज कुमार 2 के द्वारा अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष सचिदानंद तिवारी के साथ किये हुए एक मामले के विरोध में 15 फरवरी से जिले के अधिवक्ता न्यायिक कार्य से पूर्णतया अलग हैं।
इसी आलोक में गुरुवार को भी अधिवक्ताओं ने चट्टानी एकता का परिचय देते हुए पूर्ब की तरह आंदोलन जारी रखा। मौके पर संघ के अध्यक्ष सचिदानंद तिवारी,बमहासचिव सुबोध कुमार सिन्हा, मंधारी दुबे, जय किशोर पाठक, दीपक कुमार, संतोष तिवारी, महेन्द्र तिवारी, अखिलेश चन्द सिंह, अखिलेश्वर प्रसाद, नन्दलाल सिंह, केडी सिंह, अनिल कुमार, जयशंकर प्रसाद, आशीष गिरी, सतीश मिश्रा, नरेन्द्र पाण्डेय, बिक्रम त्रिपाठी, बिनोद तिवारी, ज्ञान रंजन, संतोष कुमार पांडेय, आजाद सिंह, राकेश देव, दिवाकर दुबे, शौकत अली, के डी सिंह, राजीव रंजन, शंकर कुमार ,सुधीर चौबे, उमाशंकर पाण्डेय, देवेन्द्र तिवारी, संतोष दुबे, ओंकार नाथ जयसवाल, सी बी मिश्रा, जमाल अहमद, रामप्रवेश रजक, लाजवन्त तिवारी, मणिशंकर चतुर्वेदी, अरुण कुमार, धीरेंद्र प्रसाद, शशिधर पाण्डेय, मिथिलेश कुमार, लल्लू प्रसाद सिंह, विकास दुबे, लाजवंत तिवारी, सतीश दुबे, जावेद अख्तर, शैलेंद्र तिवारी, दिवाकर दुबे, दिनेश चन्द पाण्डेय, संजय सिन्हा, सुनील मिश्रा, ओंकार नाथ तिवारी, मणिशंकर चतुर्वेदी, सुनील राय, आनंद शंकर, अश्विनी तिवारी, रुचिर तिवारी, मिथिलेश पाण्डेय, धीरेंद्र पाण्डेय, संतोष पासवान, हरिनंदन सिंह, राणा मनोज सिंह, सुरेंद्र महतो, धर्मेंद्र सिंह, दिग विजय पाण्डेय, अनुज त्रिपाठी, त्रिपुरारी तिवारी समेत सैकड़ों अधिवक्ता शामिल थे।
Also Read

-sponsored-

Below Post Content Slide 4

-sponsered-

-sponsored-

Comments are closed.