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यूक्रेन में फंसी अर्पिता रांची लौटी

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रांची: रांची की अर्पिता सोमवार को रांची पहुंची। रांची पहुंचने के बाद उसके खुशी का ठिकाना नहीं रहा। अर्पिता यूक्रेन में रहकर मेडिकल की पढ़ाई कर रही थी। यह जानकारी सोमवार को कंट्रोल रूम की काउंसलर रजनी पापे ने दी।

यूक्रेन-रूस के बीच छिड़ी जंग के कारण बड़ी संख्या में लोग वहां फंस गए हैं। इस दिशा में झारखंड की हेमंत सोरेन सरकार और केंद्र सरकार लगातार प्रयासरत है। झारखंड से मेडिकल और इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने यूक्रेन गए बच्चे भी वहां फंसे हैं। वे और उनके परिजन सरकार से मदद की गुहार लगा रहे हैं। इस बीच झारखंड की बिटिया अर्पिता प्रसाद सोमवार को सकुशल अपने घर रांची पहुंची। इससे परिजनों की खुशी का ठिकाना नहीं था। रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा पर उसके रिसीव करने उसके घर के कई सदस्य पहुंचे थे। जैसे ही परिजनों ने अर्पिता को देखा, सबकी आंखों से आंसू निकल पड़े।

यूक्रेन-रूस के बीच युद्ध से बिगड़े हालात के बीच रांची की अर्पिता प्रसाद यूक्रेन से सुरक्षित वापस लौट आयी है। वह रांची की सेटेलाइट कॉलोनी की रहने वाली है। जानकारी के अनुसार दिल्ली एयरपोर्ट से वह रांची के बिरसा मुंडा हवाई अड्डा पहुंची। फ्लाइट से उतरते ही उसके चेहरे पर वतन वापसी की खुशी साफ दिख रही थी। उसके परिजन भी बेहद खुश थे।

उल्लेखनीय है कि झारखंड के कई छात्र अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं। रांची, गढ़वा, कोडरमा, लोहरदगा, पलामू, लातेहार, साहिबगंज और देवघर सहित अन्य जिलों के छात्र घर वापसी के लिए मदद की गुहार लगा रहे हैं। हेमंत सोरेन सरकार अपने स्तर से उनकी सुरक्षित वापसी के लिए लगातार प्रयासरत है। राहत की खबर ये है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने ऐलान किया है कि यूक्रेन से वापस लौटने वालों के टिकट का खर्च सरकार उठायेगी। यूक्रेन में फंसे झारखंड के लोगों के लिए राज्य सरकार ने कंट्रोल रूम खोला है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने लोगों से अपील की है कि वहां फंसे लोगों की सूचना कंट्रोल रूम को दें।

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