By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

देवघर में होगी बाबा बैद्यनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना

- sponsored -

0

झारखंड सरकार ने राज्य में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए देवघर में बाबा बैद्यनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना करने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिपरिषद की मंगलवार को हुई बैठक में इसके लिए झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2018 के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई।

Below Featured Image

-sponsored-

देवघर में होगी बाबा बैद्यनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: झारखंड सरकार ने राज्य में संस्कृत भाषा को बढ़ावा देने के लिए देवघर में बाबा बैद्यनाथ संस्कृत विश्वविद्यालय की स्थापना करने का फैसला किया है। राज्य मंत्रिपरिषद की मंगलवार को हुई बैठक में इसके लिए झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक 2018 के अनुमोदन की स्वीकृति दी गई। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर आवास योजना के लाभुकों के चयन में संशोधन की स्वीकृति दी गयी। इस संशोधन के बाद यह योजना सबसे संवेदनशील आवास योजना बन जाएगी। आवास विहीन अथवा एक कच्चे कमरे के मकान में रहने वाले परिवार, जिनका नाम सामाजिक आर्थिक एवं जातीय जनगणना-2011 के आंकड़ों के बाहर है तो ऐसे परिवारों को भी अब ग्रामसभा से अनुमोदन के बाद उपायुक्त के द्वारा जांच पूरी कर आवास की स्वीकृति दिए जाने का निर्णय लिया गया है। प्रत्येक जिले को इस वर्ष 250 इकाई आवास स्वीकृत करने की अनुमति भी दी गई है। यह भी तय किया गया है कि आवास यथासंभव महिलाओं के नाम पर ही स्वीकृत किया जाएगा। यदि परिवार में कोई महिला न हो तो उस घर की बेटी अथवा परिवार के मुखिया की सहमति से परिवार के किसी अन्य सदस्य का नाम से आवास आवंटित किया जाएगा। झारखंड का स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र निर्गत करने के संबंध में स्वीकृति दी गई। अब स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र निर्गत करने के लिए अंचलाधिकारियों को भी प्राधिकृत किया गया है। अंचलाधिकारियों के स्तर से जारी किया गया स्थानीय निवासी प्रमाणपत्र धारक के जीवनकाल तक सभी कार्यों के लिए मान्य होगा। सरकारी, निजी और पीपीपी मोड पर संचालित तकनीकी संस्थानों में शैक्षणिक वर्ष 2019-20 से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए 10 प्रतिशत आरक्षण लागू करने की स्वीकृति दी गई है। यह अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग (अनुसूची-1), पिछड़ा वर्ग (अनुसूचित-2) के अलावा है। झारखंड राज्य खाद्य आयोग के अधीन विभागीय अधिसूचना 3905, दिनांक 11 दिसंबर 2018 के माध्यम से आयोग के अधीन सृजित राजपत्रित एवं अराजपत्रित पदों के अलावा छह अतिरिक्त अन्य पदों के सृजन की स्वीकृति दी गई। सर्वोच्च न्यायालय में दायर सिविल अपील वीर कुंवर पासवान बनाम झारखंड राज्य एवं अन्य के अवमानना तथा पारित आदेश के अनुपालन में भविष्य निधि निदेशालय के अंतर्गत विभिन्न बोर्ड/निगम के समायोजित 23 लिपिकीय कर्मियों को ए.सी.पी./एम.ए.सी.पी का लाभ स्वीकृति के फलस्वरूप बकाया वेतनादि का भुगतान के लिए झारखंड आकस्मिकता निधि से कुल दो करोड़ रुपए की अग्रिम निकासी की घटनोत्तर मंजूरी दी गई। सर्वोच्च न्यायालय के आदेश के अनुसार राज्य भविष्य निधि निदेशालय के अधीन एकीकृत बिहार की अवधि में विभिन्न/बोर्ड निगम से प्रतिनियुक्ति पर आए 23 कर्मियों को विभागीय लेखा परीक्षा तथा हिंदी टिप्पन प्रारूपण परीक्षा की बाध्यता को शिथिल करते हुए वेतन संरक्षण के आधार पर निगम के प्रथम नियुक्ति की तिथि से एसीपी/एमएसीपी का लाभ स्वीकृति करने के लिए घटनोत्तर स्वीकृति दी गई। झारखंड पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण (अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों एवं पिछड़े वर्गों के लिए) अधिनियम, 2001 में संशोधन के लिए विधेयक, 2019 की स्वीकृति दी गई। इस संशोधन से अधिनियम की धाराओं में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए पदों एवं सेवाओं की रिक्तियों में आरक्षण को जोड़ा गया है। रांची में दिव्यांगजनों के पुनर्वास एवं विशेष शिक्षण के लिए कम्पोजित रीजनल सेंटर (सीआरसी) स्थापना के लिए भवन निर्माण तथा इसके संचालन के लिए राष्ट्रीय गतिशील दिव्यांग संस्थान (एनआईएलडी), कोलकाता को नि:शुल्क एवं स्थाई रूप से प्रदत्त भू-हस्तांतरण की स्वीकृति आदेश निरस्त करने की स्वीकृति दी गई। झारखंड विद्युत वितरण निगम लिमिटेड में पीपी मॉडल के द्वारा रांची एवं जमशेदपुर एरिया बोर्ड में विद्युत वितरण लाइसेंसी मॉडल लागू करने के लिए तथा इस कार्य के लिए ट्रांजेक्शन एडवाइजर की नियुक्ति की स्वीकृति दी गई। न्यायालय की ओर से  पारित न्याय निदेशों के आलोक में विभिन्न नियुक्ति  वर्ष में नियुक्त शिक्षकों को नियुक्ति की तिथि के आधार पर ग्रेड-एक  में उनकी वरीयता का निर्धारण विभागीय संकल्प के अनुरूप करने की स्वीकृति दी गई। अनुसूचित जनजाति, अनुसूचित जाति,अल्पसंख्यक एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग द्वारा संचालित आवासीय विद्यालयों में शिक्षण कार्य के लिए तत्कालिक व्यवस्था के तहत सर्विस प्रोक्योरमेंट के आधार पर चयनित अंशकालीन शिक्षकों से कार्य लिए जाने की अवधि विस्तार की स्वीकृति दी गई।

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More