By, Shrikant Pratyush
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अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच छिड़ी जंग से काम पड़ा ठप्प

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बाढ़ नगर परिषद में इन दिनों दो प्रभावशाली महिला के बीच ऐसी जंग चल रही है, जिसकी चक्की में 27 वार्ड की जनता पिस रही है. मामला है बाढ़ नगर परिषद कार्यालय की है जहां एक खेमा नगर अध्यक्ष शकुंतला देवी के साथ है, तो दूसरा कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री जया के बीच.

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अध्यक्ष और कार्यपालक पदाधिकारी के बीच छिड़ी जंग से विकास कार्य अवरुद्ध

सिटी पोस्ट लाइव : बाढ़ नगर परिषद में इन दिनों दो प्रभावशाली महिला के बीच ऐसी जंग चल रही है, जिसकी चक्की में 27 वार्ड की जनता पिस रही है. मामला है बाढ़ नगर परिषद कार्यालय की है जहां एक खेमा नगर अध्यक्ष शकुंतला देवी के साथ है, तो दूसरा कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री जया के बीच. दोनों लोगों के बीच इस कदर टक्कर चल रही है कि करीब 1 साल से नगर परिषद का सारा का सारा विकास कार्य बाधित है. एक तरफ शकुंतला देवी महिला पदाधिकारी के ऊपर मनमानी और तानाशाही रवैया अपनाए जाने का आरोप लगाते नजर आ रही हैं तो वहीं दूसरी तरफ कार्यपालक पदाधिकारी साफ तौर पर मुख्य वार्ड पार्षद शकुंतला देवी और उसके पति संजय कुमार वार्ड पार्षद के ऊपर ताबड़तोड़ हमला बोल रही हैं. जिसमें घपला घोटाला से लेकर अवैध बहाली तक का मामला है. जिसको लेकर पूरा नगर परिषद इन दिनों जंग की मैदान बन कर रह गया है.

बुधवार के दिन 11:00 बजे से अचानक मुख्य वार्ड पार्षद शकुंतला देवी नगर परिषद के मुख्य द्वार पर खुले जमीन पर बैठकर हड़ताल करना शुरू कर दी. उनका साफ तौर पर कहना है कि कार्यपालक पदाधिकारी निरंकुश और तानाशाही रवैया अपना रही है.
किसी भी कर्मचारी का ना तो वह इज्जत करती है और ना ही विकास कार्यों में रुचि रखती है। जिसके लिए उन्होंने विभाग के तमाम आला अधिकारी यहां तक कि मंत्री तक को लिखित पत्र सौंप चुकी है. वहीं कार्यपालक पदाधिकारी सुश्री जया का कहना है कि शकुंतला देवी अपने मनमानी तरीके से नगर परिषद को चलाना चाहती है और कई घोटाले में उनकी संलिप्तता होने के चलते जब मामले को उजागर किया जाता है तो वह नगर परिषद के कर्मचारियों को भड़का कर हड़ताल बुलवा देती है. और कामकाज पूरी तरीके से ठप्प कर विकास कार्यों को बाधित करती है.

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पटना ग्रामीण से रवि शंकर शर्मा की रिपोर्ट

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