By, Shrikant Pratyush
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सोशल मीडिया पर विज्ञापन सहित चुनाव के प्रचार के लिए लेना होगा प्रमाणपत्र, पढ़िए पूरी खबर

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लोकसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग फेसबुक, गुगल, ट्वीटर, व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइट्स पर नजर रखेगी। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी राज्यों में और सभी जिलों में मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी का गठन कर दिया गया है।

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सोशल मीडिया पर विज्ञापन सहित चुनाव के प्रचार के लिए लेना होगा प्रमाणपत्र, पढ़िए पूरी खबर

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: लोकसभा चुनाव के दौरान निर्वाचन आयोग फेसबुक, गुगल, ट्वीटर, व्हाट्सएप और अन्य सोशल साइट्स पर नजर रखेगी। निर्वाचन आयोग के निर्देश पर सभी राज्यों में और सभी जिलों में मीडिया सर्टिफिकेशन एंड मॉनिटरिंग कमेटी का गठन कर दिया गया है। झारखंड में भी मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के कार्यालय और सभी 24 जिलों में इस कमेटी का गठन किया गया है। ये कमेटियां सभी राजनीतिक दलों के प्रस्तावित विज्ञापन, सोशल साइट पर चलनेवाले कंटेंट को पहले सर्टिफाई करेंगी। इसके बाद ही ये कंटेंट और विज्ञापन सोशल साइट्स पर चलेंगे। इंटरनेट और मोबाइल एसोसिएशन ऑफ इंडिया को निर्वाचन आयोग ने विशेष निर्देश भी दे रखे हैं। फेसबुक, ट्वीटर, गुगल, व्हाट्सएप और शेयर चार्ट के मुख्य कार्यपालक अधिकारियों को चुनाव के दौरान फेक न्यूज, विज्ञापन अथवा मतदाताओं को लुभाने वाले कंटेंट के प्रति भी निर्देश दिये गये हैं। कहा गया है कि सोशल साइट्स पर चलनेवाली सभी प्रचार सामग्रियों को प्रसारित करने से पहले सर्टिफिकेशन कमेटी का अनुमोदन जरूरी है। ऐसा नहीं करने पर जिला निर्वाची पदाधिकारी अथवा राज्य निर्वाचन पदाधिकारी सोशल साइट्स पर तीखी निगरानी रखेंगे और कार्रवाई भी होगी।
नोमिनेशन के दौरान सोशल एकाउंट की भी देनी होगी जानकारी
आयोग का कहना है कि इंटरनेट कंपनी और वेबसाइट को किये गये भुगतान की विस्तृत रिपोर्ट भी कंपनियां तैयार करें। इसकी एक प्रति राजनीतिक दलों को भी रखना जरूरी है। मतदान के 48 घंटे पहले तक किसी भी तरह का प्रचार संबंधी कंटेंट को प्रचारित करने पर रोक लगाने का निर्देश भी दिया गया है। इंटरनेट कंपनियां, सोशल साइट के लिए किये गये भुगतान का ब्योरा भी व्यय प्रेक्षक को देना अनिवार्य किया गया है। इसमें कंटेंट की सामग्री, सोशल साइट्स से जुड़े कर्मियों का भुगतान और अन्य काम भी शामिल है। सभी उम्मीदवारों को अपने नामांकन के समय सोशल मीडिया के सभी खातों की जानकारी देना जरूरी किया गया है। चुनाव प्रचार के दौरान राजनीतिक दलों को यह बताना होगा कि वे किस-किस साइट पर अपना प्रचार कर रहे हैं।

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