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बिहार में गंडक और बूढ़ी गंडक खतरे के निशान से ऊपर, अभी तीन दिन और होगी बारिश

बाढ़ पीड़ितों के लिए नहीं कम होगी मुसीबत

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार हर साल बाढ़ की विभीषिका झेलता है. लाखों लोगों को अपना घर छोड़ पलायन करना पड़ता है. एकबार फिर बिहार में बाढ़ ने दस्तक दे दी है. नेपाल व उत्तर बिहार में दो दिन बारिश थमने के बावजूद जिले में गंडक व बूढ़ी गंडक के जलस्तर में चढ़ाव जारी है. संकट की बात यह है कि मौसम विभाग ने फिर अगले तीन दिन नेपाल व उत्तर बिहार में बारिश की संभावना जतायी है. यदि ऐसा हुआ तो  मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार के सभी जिलों के नदियों का जलस्तर और बढ़ेगा, जिससे बाढ़ पीड़ितों को भारी कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।

बता दें  पारू व साहेबगंज में गंडक नदी खतरे के निशान से आठ सेमी ऊपर चला गया. वहीं सिकंदरपुर में बूढ़ी गंडक के जलस्तर में 66 सेमी की बढ़ोत्तरी हुई. बूढ़ी गंडक का जलस्तर और बढ़ रहा है. हालांकि बागमती नदी में कटौझा में शनिवार को पांच सेमी की गिरावट दर्ज की गई है. जाहिर है मुजफ्फरपुर सहित उत्तर बिहार में बाढ़ का प्रभाव अधिक है. इस दौरान पीड़ितों को सुविधाएं भी नहीं दी जा रही है. जानकारी अनुसार बूढ़ी गंडक मोतीपुर व मीनापुर में संकट पैदा कर सकता है क्योंकि मोतीपुर के अंजना कोट व मीनापुर के धमौली पंचायत में कटाव शुरू हो गया है. डीएम के निर्देश पर शनिवार को साहेबगंज व पारू के अंचलाधिकारियों ने नदी का जायजा लिया. साथ ही जल संसाधन विभाग के कार्यपालक अभियंता को कटाव रोधी काम शुरू करने और सभी संवेदनशील स्थलों की निगरानी का निर्देश दिया है.

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