By, Shrikant Pratyush
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भीषण गर्मी हीं नहीं चमकी पीड़ित बच्चों की बड़ी राहत साबित हो सकती है माॅनसून की पहली बारिश

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बिहार में भी मानसून का प्रवेश हो चुका है। बिहार के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। माॅनसून की यह पहली बारिश न सिर्फ भीषण गर्मी से लोगों को राहत दिलाने वाली है बल्कि ऐसा माना जा रहा है कि माॅनसून की पहली बारिश की वजह से चमकी बुखार का असर भी कम हो सकता है।

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भीषण गर्मी हीं नहीं चमकी पीड़ित बच्चों की बड़ी राहत साबित हो सकती है माॅनसून की पहली बारिश

सिटी पोस्ट लाइवः बिहार में भी मानसून का प्रवेश हो चुका है। बिहार के कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई है। माॅनसून की यह पहली बारिश न सिर्फ भीषण गर्मी से लोगों को राहत दिलाने वाली है बल्कि ऐसा माना जा रहा है कि माॅनसून की पहली बारिश की वजह से चमकी बुखार का असर भी कम हो सकता है। बिहार में एईएस से अब तक 160 से अधिक बच्चों की मौत हो चुकी है, लेकिन चाइल्ड स्पेशलिस्ट बताते हैं कि बारिश के साथ ही मौत का सिलसिला थमने लगेगा. दरअसल इस बीमारी का कारण हीट और ह्यूमिडिटी है. इलाके में गर्मी जब 40 डिग्री के पार होती है और ह्यूमिडिटी 60 पार होती है, और यह स्थिति कई दिनों तक लगातार बनी रहती है तो बच्चे बीमार होने लगते हैं. अगर बारिश होती है तो गर्मी से भी राहत मिलेगी और एईएस के मामलों में भी कमी आएगी.

अनुमान लगाए जा रहे हैं कि अगले 48 घंटे में इसका विस्तार पटना सहित बिहार के बाकी हिस्सों में हो जाएगा. पटना और इसके आसपस के इलाकों में भी बादल छाए हुए हैं. शुक्रवार दिन में कुछ इलाकों में छिटफुट आंशिक बारिश हुई. पटना में शुक्रवार दोपहर बाद आसमान में बादल छाए और 2.2 मिमी बारिश दर्ज की गई. पटना में 30 से 40 किमी की रफ्तार से तेज हवा चली. गौरतलब है कि पिछले साल मानसून ने 25 जून को बिहार में दस्तक दी थी.

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