By, Shrikant Pratyush
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जदयू ने राष्‍ट्रपति को पत्र लिखकर उच्‍च स्‍तरीय जांच की मांग की

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जदयू के झारखंड प्रदेश अध्‍यक्ष और पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने गुरुवार को राष्‍ट्रपति को पत्र लिखकर पत्‍थलगड़ी विवाद में पश्चिमी सिंहभूम के गुदड़ी में हुए नरसंहार की उच्‍चस्‍तरीय जांच की मांग की है।

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जदयू ने राष्‍ट्रपति को पत्र लिखकर उच्‍च स्‍तरीय जांच की मांग की

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: जदयू के झारखंड प्रदेश अध्‍यक्ष और पूर्व सांसद सालखन मुर्मू ने गुरुवार को राष्‍ट्रपति को पत्र लिखकर पत्‍थलगड़ी विवाद में पश्चिमी सिंहभूम के गुदड़ी में हुए नरसंहार की उच्‍चस्‍तरीय जांच की मांग की है। मुर्मू ने त्‍वरित जांच और रोकथाम की कार्रवाई नहीं होने पर संपूर्ण आदिवासी समाज के हिंसा-हत्या की जद में फंसने की आशंका जताते हुए जांच के पांच बिंदुओं का उल्‍लेख भी किया है। पत्र में उन्होंने कहा है कि झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुदड़ी प्रखंड के बुरुगुलिकेरा गांव में पत्‍थलगड़ी समर्थकों और विरोधियों के बीच ग्रामसभा बुलाकर, भारी भीड़ से अगवा करने के बाद सिर धर से अलग कर छह आदिवासियों की हत्‍या कर दी गई। इसकी उच्‍चस्‍तरीय जांच जरूरी है।

उल्लेखनीय है कि सालखन मुर्मू आदिवासी सेंगेल अभियान के राष्‍ट्रीय अध्‍यक्ष भी हैं।

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जांच के लिए ये हैं बिंदु

-क्‍या पत्‍थलगड़ी पुरानी आदिवासी परंपरा है या इसका विकृत रूप लोगों को विरोध करने के लिए भड़काना है?

-क्‍या पत्‍थलगड़ी से जुड़े लोग भारत के संविधान और व्‍यवस्‍था को मानते हैं?

-क्‍या अनुच्‍छेद 133 क संविधान के मौलिक अधिकारों से उपर है?

-क्‍या गुजरात के तापी-सोनगढ़ से पत्‍थलगड़ी का संबंध है?

-क्‍या एक धर्म विशेष के लोग पत्‍थलगड़ी के समर्थकों को प्रत्‍यक्ष-अप्रत्‍यक्ष रूप से सहयोग कर रहे हैं? और आज की सरकार भी उसको खुश रखना चाहती है?

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