By, Shrikant Pratyush
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घड़ियाली आंसू बहाकर आदिवासियों को गुमराह न करे झामुमो-कांग्रेस : भाजपा

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प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वनभूमि से बेदखली के आदेश के मुद्दे पर झामुमो-कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आदिवासियों की दुर्दशा करने वाले झामुमो-कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहाकर वोट के लिए आदिवासियों को गुमराह करने की राजनीति न करें।

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घड़ियाली आंसू बहाकर आदिवासियों को गुमराह न करे झामुमो-कांग्रेस : भाजपा

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: प्रदेश भाजपा प्रवक्ता प्रवीण प्रभाकर ने सुप्रीम कोर्ट द्वारा वनभूमि से बेदखली के आदेश के मुद्दे पर झामुमो-कांग्रेस पर पलटवार करते हुए कहा कि आदिवासियों की दुर्दशा करने वाले झामुमो-कांग्रेस घड़ियाली आंसू बहाकर वोट के लिए आदिवासियों को गुमराह करने की राजनीति न करें। भाजपा एक भी आदिवासी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। आदिवासियों के कल्याण, पहचान और सम्मान के लिए भाजपा कृतसंकल्प है।मंगलवार को प्रभाकर ने कहा कि राज्य के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने सुप्रीम कोर्ट में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का निर्णय लेकर आदिवासी-वनवासी के हितों की रक्षा का संकल्प दोहराया है। प्रभाकर ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा 11 लाख आदिवासियों-वनवासियों को वनभूमि से हटाने के आदेश से राहत देने के लिए भाजपा ने अपनी गंभीरता दिखा दी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने इस संबंध में सभी भाजपा मुख्यमंत्रियों को विशेष निर्देश दिया है। अब विपक्ष को इस मुद्दे पर राजनीति बंद करनी चाहिए। प्रभाकर ने कहा कि भाजपा ने न तो किसी आदिवासी-वनवासी की जमीन ली है और न ही सामाजिक-सांस्कृतिक व परंपरागत स्थलों का अधिग्रहण करने का इरादा रखती है। भाजपा के दोनों प्रधानमंत्री स्व. अटल बिहारी वाजपेयी और नरेंद्र मोदी ने आदिवासी-वनवासी और दलितों-वंचितों के हित में कई क्रांतिकारी कल्याणकारी कदम उठाए हैं। प्रभाकर ने कहा कि वनाधिकार कानून के तहत झारखंड में 60,000 और छत्तीसगढ़ में एक लाख से ज्यादा समेत देशभर में 20 लाख आदिवासियों को भूमि पट्टा दिया गया है। देश में पहली बार आदिवासी कल्याण मंत्रालय और ग्रामीण विकास मंत्रालय का गठन स्व. अटल ब‍िहारी वाजपेयी ने किया और संथाली भाषा को 8 वीं अनुसूची में शामिल किया। झारखंड, छत्तीसगढ़ राज्य भाजपा ने दिया। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पक्का मकान, शौचालय, गैस, आयुष्मान भारत से लेकर मुद्रा योजना, कौशल विकास, जनधन के माध्यम से ज्यादा लाभ आदिवासियों को दिया है। कई विभागों की योजनाओं में आदिवासियों के लिए राशि में 30 प्रतशित वृद्धि कर 32 हज़ार करोड़ और आदिवासी कल्याण मंत्रालय के आवंटन में 10 प्रतशित की वृद्धि कर 5329 करोड़ किया गया है। लघु वनोपज के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने के साथ साथ उनके लिए 15000 गुणवत्ता संवर्धन केंद्र खोले जा रहे हैं, ताकि वनोपज का ज्यादा से ज्यादा आर्थिक लाभ आदिवासी-वनवासी को मिले। प्रभाकर ने कि कहा झारखंड समेत देश भर में करोड़ों लोग कांग्रेस की नीतियों के कारण विस्थापित हुए और अन्याय का शिकार हुए। सिर्फ राजनीतिक फायदे के लिए विपक्ष द्वारा भाजपा और मोदी विरोध से आदिवासी को फायदा नहीं मिलने वाला। विपक्ष को विकास के लिए सकारात्मक भूमिका में आना होगा।

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