By, Shrikant Pratyush
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“विशेष” : बाढ़ की भीषण विभीषिका में, आस बनकर खड़े हुए MSU सेनानी

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बिहार अभी भयावह बाढ़ की चपेट में है। 38 में से 12 जिलों के सैकड़ों प्रखंड में लगभग 80 लाख से अधिक लोग इस भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं ।लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं,उनके घर कोसी में समा चुके हैं ।

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“विशेष” : बाढ़ की भीषण विभीषिका में, आस बनकर खड़े हुए MSU सेनानी

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार अभी भयावह बाढ़ की चपेट में है ।38 में से 12 जिलों के सैकड़ों प्रखंड में लगभग 80 लाख से अधिक लोग इस भीषण बाढ़ से प्रभावित हैं ।लाखों लोग विस्थापित हो चुके हैं,उनके घर कोसी में समा चुके हैं ।जान-माल की भारी क्षति हुई है । विस्थापितों को भोजन,पानी, मेडिकल और सरकारी मदद में काफी दिक्कत हो रही है । सरकार चाहकर भी सभीतक नहीं पहुँच पा रही है ।

ऐसे वक्त में अनेकों नागरिक समूह उनके राहत-बचाव के लिए प्रयास कर रहे हैं ।ऐसा ही एक युवाओं का गैर राजनीतिक समूह और संस्था है ‘मिथिला स्टूडेंट यूनियन (MSU)’।ये संस्था मिथिला क्षेत्र में पिछले पांच सालों से क्षेत्र और छात्र के लिए काम कर रही है ।इनके पास हजारों की संख्या में एक्टिव वोलेंटियर्स हैं ।2017 के बाढ़ में भी इनकी टीम ने कमाल का काम किया था । कुछ दिनों पहले मुजफ्फरपुर के चमकी-बुखार सम्बन्धित मेडिकल आपदा के वक्त भी इनके टीम के लगभग 100 युवा आसपास के गांवों में मेडिकल कैम्प,जागरूकता,भोजन-दवाई के माध्यम से राहत पहुँचा कर ऐतिहासिक कार्य किये थे ।

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अभी के बिहार में आई बाढ़ में इनकी टीम फिर से पूर्णरूपेण एक्टिव हो चुकी है ।लगभग 300 के करीब युवा कार्यकर्ता आसपास के जिलों में बाढ़ प्रभावित गांवों तक पहुंच रहे हैं । भोजन,पानी और मेडिकल सपोर्ट उपलब्ध करवा रहे हैं । विस्थापितों को भोजन उपलब्ध करवाने के लिए इन्होंने अनेकों जगह बेस कैंप लगाया है,जहाँ भोजन बनाकर सुदूर गांवों तक भी इनके वोलंटियर पहुंचा रहे हैं ।

अबतक ये सारा काम ये लोग गाँव और बाजारों में माँग कर या भिक्षाटन के माध्यम से सामान इकट्ठा करके कर रहे हैं ।यही नहीं सोशल मीडिया के माध्यम से चंदा मांगकर राहत अभियान की आर्थिक जरूरतों को पूरा कर रहे हैं ।लेकिन इनके अधिकतर कार्यकर्ता छात्र एवं युवा हैं । इसलिए ये आर्थिक स्तर पर कमजोड पड़ रहे हैं। पर्याप्त से भी अधिक जनबल होने के बावजूद धनबल का अभाव इन्हें झेलना पड़ रहा है ।लेकिन इस सबके बावजूद ये सब लगे हुए हैं ।

सोशल मीडिया पर इनके द्वारा डोनेशन के लिए अपील किया जा रहा है और लोग सामान और पैसा भेज रहे हैं ।इनके पिछले पांच सालों में किए गए कामों व अनेक अभियानों में बरती गई ट्रांसपैरेंसी के कारण इन्हें लोगों का जो विश्वास हासिल है उसके कारण बहुत बढ़िया सपोर्ट मिल रहा है । हर एक कार्यक्रम या अभियान के बाद पूर्ण आमदनी और खर्चे के हिसाब को सार्वजनिक करने की इनकी परम्परा से आर्थिक ट्रांसपैरेंसी में इनकी छवि काफी सकारात्मक है । बाढ़ भयावह है । लोग दुखी हैं ।लेकिन पीला टीशर्ट पहने और ‘सेनानी’ कहलाने वाले ये MSU कार्यकर्ता हमेशा की तरह फिर से मिथिला में उम्मीद बनकर उभरे हैं ।

इसी क्रम में आज सहरसा जिला के महिषी प्रखंड अंतर्गत मनोवर पंचायत में खाद्य सामग्री का वितरण किया गया ।लोगों से वे रूबरू हुए,तो पता चला कि आज तक इस पंचायत की आधी से अधिक आबादी पानी में है ।वहां ना कोई सरकारी तंत्र के माध्यम से,ना कोई जनप्रतिनिधि के माध्यम से कोई लाभ प्राप्त हुआ है ।इस स्थिति में वहां हमारे सेनानियों को देखकर लोगों के बीच मन में अदम्य उत्साह देखने को मिला ।मिथिला स्टूडेंट यूनियन सहरसा इकाई ने तय किया है कि पंचायत में जल्द ही मेडिकल कैंप भी लगाया जाएगा ।

इस मौके पर संगठन के पूर्व जिलाध्यक्ष सह वर्तमान संगठन के बिहार कार्यकारणी सदस्य कौशल क्रांतिकारी,दीपक झा , रतन मिश्रा,समाजसेवी सोहन झा,संगठन के मनोवर पंचायत अध्यक्ष अर्जुन यादव,जीवन यादव ,MSU के रिव्यू कमिटी सदस्य गोपाल चौधरी समेत दर्जनों सेनानी इस राहत अभियान में शामिल रहे ।

पीटीएन मीडिया ग्रुप के सीनियर एडिटर मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट ।

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