By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

IMA भागलपुर के ‘गॉड फादर’ रहे डॉ. दिलीप कुमार सिंह को पद्मश्री सम्मान

;

- sponsored -

भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह को समाज सेवा और चिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा पद्म श्री सम्मान मिलने की घोषणा की गई थी.

[pro_ad_display_adzone id="49226"]

-sponsored-

सिटी पोस्ट लाइव : भागलपुर के पीरपैंती प्रखंड के डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह को समाज सेवा और चिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए पद्मश्री से नवाजा गया है. गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्रीय गृह मंत्रालय के द्वारा पद्म श्री सम्मान मिलने की घोषणा की गई थी. इंडियन मेडिकल एसोसिएशन भागलपुर के गॉड फादर के रुप में माने जाने वाले डॉक्टर दिलीप कुमार सिंह ने बेसहारा लोगों को जीवनदान देने के लिए चिकित्सक के पेशा को अपनाया था. यही नहीं 93 वर्षीय डॉ दिलीप कुमार सिंह ने तकरीबन 68 साल में लाखों गरीबों का मुफ्त में इलाज किया है.

92 वर्ष के हो चुके  डॉ दिलीप कुमार सिंह ने डॉक्टरी पास करने के बाद पिछले 68 सालों से अनगिनत  गरीबों और लाचार लोगों का मुफ्त और मामूली पैसा लेकर इलाज किया है. डॉ दिलीप सिंह को पद्म भूषण मिलने की जानकारी मिलते ही सिल्क सिटी के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है. डॉ दिलीप कुमार सिंह का जन्म बांका जिला में  26 जून 1926 को हुआ था. डॉ दिलीप सिंह एक फिजिशियन डॉ थे. 1952 में उन्होंने पटना मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई  पूरी की थी. उसके बाद  डीटीएम एंड एच इंग्लैंड से किया. पढ़ाई खत्म करने के बाद वह अमेरिका भी गए. वहां नौकरी भी की, लेकिन उनका मन नहीं लगा.

आज इनके पुत्र संजय सिंह, पुत्रवधु प्रतिभा सिंह समेत पौत्र सभी डॉक्टर हैं और इनकी प्रेरणा से हीं अपनी जन्म भूमि में ही अपनी सेवा प्रदान कर रहे हैं. डॉ दिलीप सिंह को पद्म श्री मिलने की जानकारी मिलते ही अंगजनपद के लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई है. दिलीप कुमार जब अपने गांव लौटे तो मरीजों के लिए आने का कोई साधन नहीं हुआ करता था, सड़क भी नहीं थी. लोग बैलगाड़ी से आया करते थे. लेकिन जो लोग आ नहीं पते डॉक्टर साहब खुद गांव जाकर इलाज करते थे.

;

-sponsored-

Comments are closed.