By, Shrikant Pratyush
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भीषण गर्मी में बिजली की आंख मिचैली से परेशान हुए लोग, बिन बिजली सब सून

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लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार के सीएम नीतीश कुमार अक्सर अपनी चुनावी सभाओं में यह कहते रहे हैं कि बिहार को अब लालटेन की जरूरत नहीं है क्योंकि बिहार के हर गांव में बिजली पहुंचा दी गयी है। कभी-कभार यह दावा भी किया जाता रहा है कि गांवों में 22 घंटे बिजली होती है।

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भीषण गर्मी में बिजली की आंख मिचैली से परेशान हुए लोग, बिन बिजली सब सून

सिटी पोस्ट लाइवः लोकसभा चुनाव के दौरान बिहार के सीएम नीतीश कुमार अक्सर अपनी चुनावी सभाओं में यह कहते रहे हैं कि बिहार को अब लालटेन की जरूरत नहीं है क्योंकि बिहार के हर गांव में बिजली पहुंचा दी गयी है। कभी-कभार यह दावा भी किया जाता रहा है कि गांवों में 22 घंटे बिजली होती है। लेकिन दावों और हकीकत के बीच कितना बड़ा फासला है यह डेहरी आन-सोन और उसके आस-पास के इलाकों के लोग बेहतर बता सकते हैं। डेहरी-ऑन-सोन और आसपास के इलाकों में आजकल लालटेन ही रौशन हो रहा है.अब आप कुछ समझ ही गएँ होंगे की कैसे लालटेन रौशन हो रहा है.

डेहरी और आसपास का इलाका इन दिनों भीषण गर्मी में बिजली घोर समस्या से जूझ रहा है. बिजली की आँख मिचैली से लोगों का जीना दुश्वार हो गया है. एक तो उमस भरी गर्मी तो दूसरी तरफ बिजली की आँख मिचैली . घंटों घंटो बिजली नहीं रहने से लोगों काफी परेशानी हो रही है. लोग का रातांे को टहल कर गुजर रहे है. इस गर्मी में बिजली की मार बच्चों पर भी पड़ रही है। घंटों बिजली नहीं रहने पर इन्वर्टर भी जवाब दे रहा है तो दूसरी और पानी की टंकियों में पानी नहीं चढ़ने से पानी की भी समस्या उत्पन्न हो गई है. आज के दौर में इंसान की जिंदगी मे सबसे अहम् मुकाम बनाने वाला मोबाइल फोन भी शोभा की वस्तु बन कर रह गई है. लोगों के घरों में जंग खा रही लालटेन फिर से रौशन होने दिखने लगे है.

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बिजली समस्या पर सिटी पोस्ट लाइव से विशेष बात चीत के दौरान कार्यपालक अभियंता विधुत अभय रंजन ने बताया कि अमूमन जुलाई महीने में इतनी गर्मी नहीं पड़ती . गर्मी के कारण और बिजली की खपत ज्यादा होने से तकनीकियां खामियां उत्तपन्न रही है. कभी कभी बारिश के होने से अधिक लोड से गर्म केबल भर्स्ट कर जा रहा है . जिसे ठीक करने के लिए युद्ध स्तर पर कार्य किये जा रहे है. जल्द से जल्द बिजली की समस्या दूर हो जाएगी .वही बिजली समस्या पर लीगो ने अपनी अलग अलग प्रतिकिर्या दी .शिक्षिका शबनम प्रवीण का कहना है की बिजली नहीं रहने से रात की नींद पूरी नहीं होती जिसका असर दैनिक कार्यों पर पड़ता है. दुकानदार पिंटू गुप्ता का कहना है की बिजली नहीं रहने से व्यवसाय प्रभावित हो रहा है. समय से पहले दुकान बंद करना पड़ रहा है .

गृहणी ममता द्विवेदी का कहना है की रात होने से पहले रसोई घर का सारा काम निपटना होता है नही तो लाइन का कोई भरोसा नही कटने के बाद कब आएगा. मेडिकल स्टूडेंट अन्नपूर्णा पांडेय का कहना है की बिजली के कारण पढाई पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.पठान पठन में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा.

ज्यादा देर लाइन कटने से इन्वर्टर भी डिस्चार्ज हो जा रहा है.वही बिजली का मुद्दा अब राजनितिक रंग भी लेने वाला है. कुछ नेता इस तरह के मुद्दे की फिराक में गिद्ध की तरह नजर गड़ाये रहते है कि कोई मरे और मुझे खाने को मिले उनका राजनीती चमकते रहे और इसके आड़ में वे अपना उल्लू सीधा कर सके.जो भी हो पर देखना दिलचस्प होगा की इसका असर कितना पड़ने वाला है. बिजली नहीं रहने से लोगों की नींद उड़ गई है वही देखते हैं की सरकार और बिजली महकमे की अधिकारियों की नींद कब खुलती है?

रोहतास से विकास चंदन की रिपोर्ट

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