By, Shrikant Pratyush
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पीएम मोदी देश ही नहीं पूरी दुनिया के सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री : डॉ शैलेश कुमार सागर

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महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन तलाक (मुस्लिम महिला-विवाह अधिकार संरक्षण) बिल को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के साथ की तीन तलाक कानून अस्तित्व में आ गया है. यह कानून 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा.

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पीएम मोदी देश ही नहीं पूरी दुनिया के सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री : डॉ शैलेश कुमार सागर

सिटी पोस्ट लाइव : महामहिम राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने तीन तलाक (मुस्लिम महिला-विवाह अधिकार संरक्षण) बिल को मंजूरी दे दी है. इस मंजूरी के साथ की तीन तलाक कानून अस्तित्व में आ गया है. यह कानून 19 सितंबर 2018 से लागू माना जाएगा. इस उपलब्धि पर सिटी पोस्ट लाइव से बातचीत करते हुए सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी युवा मंच के प्रदेश महासचिव, डॉ शैलेश कुमार सागर पूर्व निर्दलीय प्रत्याशी डेहरी विधानसभा उपचुनाव 2019 ने कहा कि अभी तक माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की यह सबसे बड़ी उपलब्धि है यह बिल आ जाने से देश की तमाम मुस्लिम महिलाएं अपने आप को सुरक्षित महसूस करेंगी जो तीन तलाक से पीड़ित है.

मोदी सरकार अभी तक अपने हर मुद्दे को सफलतापूर्वक जनता के बीच पेश किया है इस कार्य से  नरेंद्र मोदी जी ने यह साबित कर दिया है कि वह देश ही नही पूरी दुनिया के सबसे ताकतवर प्रधानमंत्री हैं , मैं माननीय प्रधानमंत्री जी को बहुत-बहुत बधाई देना चाहता हूं, मोदी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार-2 के पहले संसदीय सत्र में अब तक 10 विधेयक पास हो गए. तीन तलाक बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी मिल चुकी है. तीन तलाक कानून के तहत अब तीन तलाक देने के दोषी पुरुष को 3 साल की सजा सुनाई जा सकेगी. पीड़ित महिलाएं अपने और नाबालिग बच्चों के लिए गुजारे-भत्ते की मांग कर सकेंगी.

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मंगलवार को राज्यसभा में पास हुआ था इन सभी 10 विधेयकों में तीन तलाक बिल यानी मुस्लिम महिला विवाह अधिकार संरक्षण विधेयक 2019 खास रहा.  राज्यसभा में वोटिंग के दौरान बिल के पक्ष में 99 और विरोध में 84 वोट पड़े थे. वही डॉ. सागर ने कहां की 25 जुलाई को लोकसभा में बिल को विचार के लिए पेश करने के पक्ष में 303 और विपक्ष में 82 वोट पड़े. तीन तलाक बिल को पेश करने का प्रस्ताव पारित हो गया था . अब जब दोनों सदनों के पास होने के बाद महामहिम राष्ट्रपति राम नाथ कोविद जी ने इस विधेयक को मंजूरी दे दी है, तो कुछ धर्मिक संगठन एवं राजनीतिक पार्टियों वेबजह अपने स्वार्थ के लिए तीन तलाक कानून के विरोध में हवा दे रही है. पीड़ितों व उनसे प्रभावित परिवार को देखे न कि अपने स्वार्थ एवं हठधर्मिता के लिए कानून का विरोध करे.

रोहतास से विकाश चन्दन की रिपोर्ट

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