By, Shrikant Pratyush
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रामगढ़ और बड़कागांव विधानसभा में शांतिपूर्ण माहौल में मतदान की प्रक्रिया संपन्न

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रामगढ़ और बड़कागांव विधानसभा में शांतिपूर्ण माहौल में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। किसी भी बूथ से ना तो हिंसा की खबर आई और ना ही किसी क्षेत्र में कोई बवाल हुआ।

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रामगढ़ और बड़कागांव विधानसभा में शांतिपूर्ण माहौल में मतदान की प्रक्रिया संपन्न
सिटी पोस्ट लाइव, रामगढ़: रामगढ़ और बड़कागांव विधानसभा में शांतिपूर्ण माहौल में मतदान की प्रक्रिया संपन्न हुई। किसी भी बूथ से ना तो हिंसा की खबर आई और ना ही किसी क्षेत्र में कोई बवाल हुआ। यह बात गुरुवार की शाम मतदान की प्रक्रिया खत्म होने के बाद रामगढ़ डीसी संदीप सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कही। रामगढ़ कॉलेज के प्रशासनिक भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में डीसी ने कहा कि रामगढ़ विधानसभा में 70.5 और बड़कागांव विधानसभा में 64.53 मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इतने भारी संख्या में मतदाता बूथ तक पहुंचे, इसके लिए जिले के तमाम कर्मचारियों का सहयोग सराहनीय रहा है। डीसी ने कहा कि चुनाव आयोग के निर्देश पर इस बार बूथ एप्प  का उपयोग भी सकारात्मक रहा। इससे किसी भी मतदाता को कोई दिक्कत नहीं हुई। इसकी वजह से मतदान की प्रतिशत में भी कोई कमी नहीं आई है। 2014 के मुकाबले 2019 में भी लगभग उतने ही मतदाता अपना वोट डाले हैं। हालांकि उन्होंने यह भी माना कि बूथ ऐप का इस्तेमाल काफी कम संख्या में मतदाताओं ने किया है। उम्मीद है कि अगले चुनाव में इस प्रक्रिया को बेहतर तरीके से अपना पाएंगे। उन्होंने कहा कि इस बार दिव्यांग और महिला मतदाताओं को बूथ तक पहुंचाने के लिए काफी प्रयास किए गए थे। इसके लिए जागरूकता अभियान भी चलाया गया था। इस आधार पर लगभग 75 प्रतिशत दिव्यांग मतदाता बूथ पर पहुंचे और उन्होंने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
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उलादागा में सड़क की मांग को लेकर मतदाता नहीं पहुंचे बूथ पर
गोला प्रखंड के उलादागा गांव में बूथ संख्या 288 मतदाताओं के द्वारा वोट बहिष्कार को भी रामगढ़ डीसी ने स्वीकार किया। डीसी ने कहा कि इस गांव में सड़क निर्माण को लेकर मतदाताओं ने वोट बहिष्कार का ऐलान किया था। उन्हें समझाने के लिए पहले भी अधिकारियों की टीम गई थी। आचार संहिता के दौरान हम लोग उन्हें कोई आश्वासन नहीं दे सकते थे। इलेक्शन के बाद उनकी इस मांग पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मतदान के दिन भी गोला अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी और सेक्टर मजिस्ट्रेट उस गांव में गए थे। लेकिन वहां बड़ी संख्या में मतदाताओं ने वोट देने से इनकार कर दिया। शाम पांच बजे तक किस बूथ पर मात्र 10 वोट ही पड़े।
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