By, Shrikant Pratyush
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प्रशांत किशोर के बात बिहार की कार्यक्रम से जुड़ने की क्या है प्रक्रिया, यहां जानें

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देश के जानेमाने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के “ बात बिहार की” कार्य्रक्रम की शुरूआत के साथ ही भारी जन समर्थन मिलने लगा है. दो दिनों के भीतर लाखों युवाओं ने अपना रजिस्टर करवा लिया है. लेकिन अब भी कई लोग हैं जो जुड़ना तो चाहते हैं लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं कि कैसे जुड़ा जाए

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प्रशांत किशोर के बात बिहार की कार्यक्रम से जुड़ने की क्या है प्रक्रिया, यहां जानें

सिटी पोस्ट लाइव : देश के जानेमाने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर के “ बात बिहार की” कार्य्रक्रम की शुरूआत के साथ ही भारी जन समर्थन मिलने लगा है. दो दिनों के भीतर लाखों युवाओं ने अपना रजिस्टर करवा लिया है. लेकिन अब भी कई लोग हैं जो जुड़ना तो चाहते हैं लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं कि कैसे जुड़ा जाए, तो आइये हम स्टेप व् स्टेप इस मुहीम से जुड़ने की प्रक्रिया समझाते हैं.

दरअसल ये वेबसाइट एक लिंक है जहां आपको अपना नाम और जिस शहर में रहते हैं उसके बारे में और भविष्य में कौन सा चुनाव लड़ना चाहते हैं उसकी जानकारी पूछता है. ये लिंक पाने के लिए सबसे पहले आपको एक नंबर पर जो है “6900869008” पर मिस्ड कॉल देना होगा. मिस्ड कॉल होते ही आपके नंबर पर एक मैसेज आयेगा. मैसेज में आपका धन्यावद किया जायेगा और बात बिहार की मुहीम से जुड़ने के लिए www.baatbiharki.in/register एक लिंक होगा.

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दिए गए लिंक पर जब आप क्लीक करेंगे तो आपको एक नया पेज दिखेगा. जहां आप अपना नाम, व्यवसाय, आप कहां से चुनाव लड़ना चाहते हैं. आपके परिवार में कोई चुनाव लड़ने का इच्छुक है, जैसे कई ऑप्शन होंगे. जिसके बाद आपको वो सभी आप्शन को सेलेक्ट करना होगा.

इन सभी प्रक्रिया के बाद आपको सबमिट करना है, इसके बाद आपको एक मैसेज मिलेगा. जिसमें आपका पंजीकरण क्रमांक दिया जायेगा. साथ ही लिखा होगा कि हमारी टीम जल्द ही आपसे संपर्क करेगी. साथ ही फेसबुक पेज और ट्वीटर पर फॉलो करने का लिंक देगा. जाहिर है बात बिहार की” प्रशांत किशोर के इस मुहीम का समर्थन करने वाले ज्यादातर युवा पटना जिले के हैं.

करीब 28 हजार पटना जिले के नौजवानों ने प्रशांत किशोर का पहले दिन साथ दे दिया है. दूसरे स्थान पर मुजफ्फरपुर फिर मोतिहारी , समस्तीपुर और दरभंगा का है. हालांकि इनकी संख्या निरंतर बढती जा रही है. और ऐसा अंदाजा लगाया जा रहा है कि दो दिनों में ही 6 लाख से ज्यादा युवाओं का समर्थन पीके को मिल जाएगा.

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