By, Shrikant Pratyush
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रांची: बकोरिया कांड की जांच करने घटनास्थल पहुंची सीबीआई टीम

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पलामू के चर्चित बकोरिया कांड की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और सेट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) की टीम गुरुवार को सतबरवा पहुंची।

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रांची: बकोरिया कांड की जांच करने घटनास्थल पहुंची सीबीआई टीम

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: पलामू के चर्चित बकोरिया कांड की जांच के लिए केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और सेट्रल फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (सीएफएसएल) की टीम गुरुवार को सतबरवा पहुंची। सीएफएसएल निदेशक डॉ. नीलेंद्र विकास वर्धन के नेतृत्व में सात सदस्य फॉरेंसिक एक्सपर्ट की टीम, मुठभेड़ में नक्सलियों से जब्त स्कॉर्पियो की जांच कर रही है। इसके बाद यह टीम बकोरिया के भेलवा घाटी में हुई कथित पुलिस नक्सली मुठभेड़ स्थल पर घटना का नाट्य रूपांतरण (डेमो) कर हर पहलुओं को समझने की कोशिश कर रही है। सीबीआई के वरीय अधिकारी और फॉरेंसिक डायरेक्टर एन बी वर्धन दो दिनों तक घटनास्थल पर मुठभेड़ की जांच करेंगे। सूत्रों के अनुसार बकोरिया कांड की जांच कर रही सीबीआई टीम के सामने घटना की प्राथमिकी दर्ज करने वाला पुलिस अफसर मोहम्मद रुस्तम ही अपने बयान से पलट गया है। मोहम्मद रुस्तम ने अपने बयान में दरोगा हरीश पाठक के बयान का समर्थन किया है। साथ ही कहा कि उसे सीनियर अफसरों ने लिखी हुई प्राथमिकी दी थी, जिस पर उसने सिर्फ हस्ताक्षर किया था। हालांकि सीबीआई के अफसरों ने आधिकारिक रूप से इस बात की अभी पुष्टि नहीं की है। घटना के बाद पुलिस अफसरों ने उस वक्त के थानेदार हरीश पाठक पर प्राथमिकी दर्ज करने का भी दबाव बनाया था। उल्लेखनीय है कि बकोरिया थाना क्षेत्र में आठ जून 2015 को  कथित पुलिस मुठभेड़ के मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज की थी। इस घटना में 12 लोग मारे गये थे। मृतकों के परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए इसकी सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। हाईकोर्ट ने मामले में सीआईडी जांच पर सवाल उठाते हुए सीबीआई को जांच का आदेश दिया था।

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