By, Shrikant Pratyush
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चिराग पासवान की मदद से अंतिम संस्कार में पहुंचा परिवार, 2 दिन पहले हुई थी हत्या

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कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में महामारी फैली हुई है. देश के प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन 2 में लोगों से इसे और सख्ती से पालन करने का अगढ़ किया. यहां तक की घरों से बेवजह बहार निकलने पर जुर्माना लगा दिया है. ऐसे में यदि कोई अपना दुनिया को छोड़कर चला जाए, तो उसकी अंतिम विदाई में भी शामिल नहीं हो सकते.

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चिराग पासवान की मदद से अंतिम संस्कार में पहुंचा परिवार, 2 दिन हुई थी हत्या

सिटी पोस्ट लाइव : कोरोना वायरस के कारण पूरे देश में महामारी फैली हुई है. देश के प्रधानमंत्री ने लॉकडाउन 2 में लोगों से इसे और सख्ती से पालन करने का अगढ़ किया. यहां तक की घरों से बेवजह बहार निकलने पर जुर्माना लगा दिया है. ऐसे में यदि कोई अपना दुनिया को छोड़कर चला जाए, तो उसकी अंतिम विदाई में भी शामिल नहीं हो सकते. कुछ ऐसा ही मामला जमुई का है. जमुई का एक परिवार अपने बेटे का अंतिम संस्कार करने इस वजह से नहीं जा सकता था क्योंकि देश में कोरोना के कारण लॉक डाउन हो रखा है. ट्रेन-फ्लाइट प्राइवेट वाहन सभी बंद हैं. जिसकी मदद जमुई के संसद चिराग पासवान ने किया.

दरअसल जमुई लोकसभा क्षेत्र के मंझवे गाव के रहने वाले विनोद राम 24 वर्षीय की हत्या 2 दिन पूर्व तमिलनाडु के विरुधनगर ज़िले में कर दी गई थी, जिसकी जानकारी परिवार को हो हुई तो बेटे के जाने के ग़म में परिवार सहित पूरे जमुई में शोक की लहर फैल गई थी. परिवार के सभी सदस्य जमुई में थे. विनोद राम तमिलनाडु में अकेले रहता था. पोस्टमटम के बाद बॉडी परिवार को देना था लेकिन परिवार का कोई भी सदस्या वहाँ नहीं रहने के कारण बॉडी नहीं मिली.

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पूरा परिवार जहां अपने सदस्य के जाने के गम में डूबा था, वहीँ उनके लिए सबसे बड़ी मुसीबत अपने बेटे के शारीर का अंतिम संस्कार करना. इस विकट परिस्थिति में परिवार के सदस्यों ने स्थानीय सांसद चिराग पासवान से संपर्क साधा. जिसके बाद सांसद ने जमुई से तमिलनाडु जाने की व्यवस्था परिवार की कराई. पास का इंतेजाम किया ताकि परिवार अंतिम संस्कार तमिलनाडु में ही कर सके. लोगों ने सांसद के इस प्रयास को खूब सराहा. जाहिर है कि एक नेता और एक जन-हितैषीस का कर्तव्य है कि वे अपने जनता के सुख -दुःख में साथ दे और उनकी मदद करे. जिसका चिराग पासवान ने बखूबी पालन किया है.

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