By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

श्रावणी मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की केंद्र से अनुशंसा

कैबिनेट की बैठक में 17 प्रस्तावों को मिली मंजूरी

- sponsored -

0

बाबानगरी देवघर में आज दोपहर बाद राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक हुई।  देवघर में पहली बार हो रही राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक श्रावणी मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी।

Below Featured Image

-sponsored-

श्रावणी मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने की केंद्र से अनुशंसा

सिटी पोस्ट लाइव, देवघर: बाबानगरी देवघर में आज दोपहर बाद राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक हुई।  देवघर में पहली बार हो रही राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक श्रावणी मेला को राष्ट्रीय मेला घोषित करने के लिए केंद्र सरकार को अनुशंसा भेजे जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गयी। मुख्यमंत्री रघुवर दास की अध्यक्षता में हुई राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक में कुल सत्रह प्रस्तावों को स्वीकृति दी गयी। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में गैरमजरूआ और जंगल-झाड़ी जमीन की प्रकृति परिवर्तन का अधिकार अब जिले के उपायुक्त को सौंप दी गयी। पहले यह शक्ति राज्य मंत्रिपरिषद के पास थी। एक अन्य प्रस्ताव में दुमका क्षेत्र के पथ निर्माण विभाग के निलंबित कनीय अभियंता की सेवा बर्खास्तगी के प्रस्ताव को भी स्वीकृति दी गयी। देवघर स्थित परिसदन में आयोजित कैबिनेट की बैठक समाप्त होने के बाद सचिव अजय कुमार सिंह ने बताया कि चौथे राज्य वित्त आयोग के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। वहीं झारखंड उच्च न्यायालय रांची में कार्यरत लोक अभियोजक एवं अपर लोक अभियोजक -विशेष लोक अभियोजक के शुल्क में वृद्धि की स्वीकृति दी गई। बैठक में  सर्वोच्च न्यायालय अवमानना में पारित न्यायादेश के आलोक में कर्मियों को स्वीकृत एसीपी-एमएसीपी के फलस्वरुप बकाए वेतन आदि के भुगतान के लिए झारखंड आकस्मिकता निधि से छह करोड़ बीस लाख रुपये अग्रिम की निकासी की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की गई। इसके अलावा झारखंड राज्य के अंतर्गत एनपीएस -सीपीएस के कर्मचारी अंशदान और समतुल्य सरकारी अंशदान की राशि का संबंधित  खाता में सर्वर टू सर्वर इंटीग्रेशन की कार्रवाई के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। एक अन्य महत्वपूर्ण प्रस्ताव में कैंटीन स्टोर्स डेवलपमेंट द्वारा शराब की खरीद -बिक्री को मूल्यवर्द्धित कर से प्रदत्त कर विमुक्ति को विस्तारित करने के लिए निर्गत अधिसूचना की घटनोत्तर मंजूरी मंत्रिपरिषद ने दी। जबकि गोड्डा जिला में सुंदर जलाशय योजना के जीर्णोद्धार और मुख्य नहरों के लाइनिंग के कार्य के लिए एक 85.54 करोड़ के एस्टीमेट के प्रशासनिक स्वीकृति को मंजूरी दी गई। पथ निर्माण विभाग के एक प्रस्ताव में गुमला जिला में डुमरी बड़ा कटरा- केराकोना सड़क कुल लंबाई 11.40 किलोमीटर है को ग्रामीण विकास विभाग से पथ निर्माण को हस्तांतरित करते हुए इसके पुनर्निर्माण कार्य (पुल निर्माण और भू अर्जन सहित) कुल छप्पन करोड़ बहत्तर लाख चालीस हजार छह सौ रुपये के प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। संतालपरगना को एक महत्वपूर्ण सौगात में मंत्रिपरिषद ने  दुमका के बाईपास रोड की लंबाई 7.45 किलोमीटर का निर्माण कार्य (भू अर्जन कार्य सहित) छत्तीस करोड़ सतहत्तर लाख पच्चीस हजार पांच सौ के द्वितीय पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी। वहीं देवघर जिला के कोयरीडीह मेन रोड (पुनासी-जसीडीह सड़क पर) से दिघरिया पथ एवं चपरिया से रमलडीह लिंक रोड को ग्रामीण विकास विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए पुनर्निर्माण कार्य (पुलों के निर्माण और भू अर्जन सहित) सत्ताईस करोड़ बानबे लाख उनचास हजार नौ सौ  के प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी। इसी तरह से  पथ प्रमंडल बोकारो के अंतर्गत विष्णुगढ़–नरकी पथ के 22.96 किलोमीटर के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए इकतालीस करोड़ संतावन लाख आठ हजार  के पुनरीक्षित प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। जबकि गिरिडीह जिला के अंतर्गत फतेहपुर मोड़ से बोंगी भाया भेलवाघाटी रोड को ग्रामीण विकास विभाग से पथ निर्माण विभाग को हस्तांतरित करते हुए (पुनर्निर्माण कार्य पुल निर्माण एवं भू अर्जन सहित) के लिए पचास करोड़ इक्कावन लाख बासठ हजार आठ सौ   मात्र के प्रशासनिक स्वीकृति के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने पथ निर्माण विभाग के वर्तमान में निलंबित सहायक अभियंता तदेन प्राक्कलन पदाधिकारी   शिवशंकर चौधरी के विरुद्ध प्रमाणित आरोपों के आधार पर सेवा से बर्खास्तगी का दंड दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।  जिला योजना अनाबद्ध निधि के माध्यम से योजनाओं की स्वीकृति एवं कार्यान्वयन के लिए मार्ग निर्देश में संशोधन के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई इस संशोधन के उपरांत उपायुक्त की अध्यक्षता में गठित जिला योजना कार्यकारिणी समिति के द्वारा वार्षिक कार्य योजना की स्वीकृति के पश्चात योजनाओं के क्रियान्वयन कराया जा सकेगा तथा आगामी जिला योजना समिति की बैठक में कार्यकारिणी समिति द्वारा स्वीकृत योजनाओं की सूची जिला योजना समिति के समक्ष सूचनार्थ प्रस्तुत की जाएगी। इससे पहले यह प्रावधान था कि उपायुक्त द्वारा तैयार की गई जिला की वार्षिक योजना में जिला योजना समिति का अनुमोदन प्राप्त कर जिला योजना अनाबद्ध निधि से योजनाओं का क्रियान्वयन कराया जा सकेगा। सीमा सुरक्षा बल प्रशिक्षण केंद्र एवं विद्यालय मेरु हजारीबाग द्वारा संचालित कैंटीन द्वारा खरीद बिक्री किए जाने वाले शराब पर मूल्यवर्द्धित कर से विमुक्ति प्रदान करने के लिए पूर्व में निर्गत अधिसूचना की मंत्रिपरिषद ने घटनोत्तर मंजूरी प्रदान की। क्षतिपूरक वनरोपण के लिए सरकारी भूमि गैरमजरूआ डीम्ड फॉरेस्ट सहित सशुल्क स्थायी हस्तांतरण से संबंधित सभी मामलों के निस्तारण की शक्ति उपायुक्त को प्रत्यायोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।

-sponsered-

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

-sponsored-

Leave A Reply

This website uses cookies to improve your experience. We'll assume you're ok with this, but you can opt-out if you wish. Accept Read More