By, Shrikant Pratyush
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दो करोड़ रुपये लेकर संथाल की अस्मिता को बेचा : रघुवर दास

साहेबगंज में मुख्यमंत्री दास ने झामुमो पर किया करारा हमला

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झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अब झारखंड मुद्रा मोचन पार्टी बन गई है। यहां के सांसद की आय पांच वर्ष में तीन गुना बढ़ गई है। यह बात दीगर है कि राजमहल के आदिवासियों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया।

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दो करोड़ रुपये लेकर संथाल की अस्मिता को बेचा : रघुवर दास

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) अब झारखंड मुद्रा मोचन पार्टी बन गई है। यहां के सांसद की आय पांच वर्ष में तीन गुना बढ़ गई है। यह बात दीगर है कि राजमहल के आदिवासियों की स्थिति में कोई बदलाव नहीं आया। यह वही पार्टी और उसके लोग हैं, जिन्होंने दो करोड़ रुपये लेकर संथाल परगना की अस्मिता का सौदा किया था। ये वही सांसद हैं, जिन्होंने लिट्टीपाड़ा में 200 करोड़ की पेयजल आपूर्ति की योजना को रोकने का प्रयास किया था। यह बात मुख्यमंत्री रघुवर दास ने एक जनसभा में कही। मुख्यमंत्री दास गुरुवार को राजमहल लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के उम्मीदवार हेमलाल मुर्मू के समर्थन में साहेबगंज में एक सभा को संबोधित कर रहे थे। उऩ्होंने कहा कि एक ऐसा जनसेवक जिसने जनता की सेवा नहीं की, न ही कभी उनके बीच गये लेकिन अपनी आय में वृद्धि जरूर कर ली। इसीलिए कहता हूं कि बदलाव तीर धनुष से नहीं, कमल के फूल से आएगा। संथाल परगना को झामुमो से मुक्त करें। मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल परगना में बदलाव वर्षों पूर्व दिख जाना चाहिए था लेकिन इस क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की यह मंशा ही नहीं थी। वर्तमान राज्य सरकार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संथाल परगना को बदलने का प्रयास किया है। हमें अभी आंशिक सफलता मिली है। अगर आप भाजपा का सांसद चुनते हैं तो संथाल के विकास को गति मिलेगी। ऐसे जनप्रतिनिधियों का चयन कदापि न करें, जो जनता के बीच जाते ही नहीं हैं। दास ने कहा कि मैंने संथाल का दौरा दर्जनों बार किया। गंगा नदी पर बंदरगाह का निर्माण अंतिम चरण में है। मई माह के बाद बंदरगाह का उद्घाटन होगा। बंदरगाह में आवाजाही होने से रोजगार का सृजन होगा और व्यापार को बढ़ावा मिलेगा।

संथाल के पहाड़िया युवाओं को रोजगार मिला
मुख्यमंत्री दास ने बताया कि संथाल परगना में निवास करने वाले आदिम जनजाति पहाड़िया समुदाय के लोगों के जीवन को बदलने का प्रयास किसी ने नहीं किया। 2014 के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहाड़िया बटालियन का गठन करवाया और पहाड़िया युवक-युवतियों को नौकरी मिली, ताकि उनका आर्थिक उन्नयन हो। सुदूर पहाड़ों पर निवास करने वाले इस समुदाय तक शुद्ध पेयजलापूर्ति के लिए योजना प्रारम्भ की गई। यह काम पहले ही हो जाने चाहिए थे, लेकिन सभी ने अपनी सिर्फ मतपेटी भरने का काम किया। संथाल में निवास करने वाले आदिवासी और मुस्लिम सहित अन्य लोगों को इस बात को समझना का प्रयत्न करना चाहिए कि यह चुनाव विकास के लिए है। इसलिए एक चौकीदार की तरह चौकन्ना रह कर अपने जनप्रतिनिधि का चुनाव करें।

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