By, Shrikant Pratyush
News 24X7 Hour

राज्य में 2019-20 में 2,68,962 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य

;

- sponsored -

झारखंड सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,68,962 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य के जल संसाधन मंत्री रामचंद्र सहिस ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी।

-sponsored-

-sponsored-

राज्य में 2019-20 में 2,68,962 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: झारखंड सरकार ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,68,962 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने का लक्ष्य निर्धारित किया है। राज्य के जल संसाधन मंत्री रामचंद्र सहिस ने बुधवार को प्रेस कांफ्रेंस में यह जानकारी दी। सहिस ने कहा कि सरकार पुरानी सिंचाई योजनाओं का जीर्णोद्धार कर रही है। उन्होंने कहा कि पुरानी वृहद एवं मध्यम सिंचाई योजनाओं के रखरखाव और सुदृढ़ीकरण के अभाव में उनकी सृजित सिंचाई क्षमता में काफी कमी हुई है। उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में अब तक 71 पुरानी सिंचाई योजनाओं के सुदृढीकरण के लिए 2056 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी गयी है। इससे लगभग 89000 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा पुनर्बहाल  हो सकेगी। इनमें से 16 योजनाओं का जीर्णोद्धार 293.25 करोड़ की लागत से पूरी करायी जा चुकी है। शेष 55 योजनाओं का काम प्रगति पर है। इससे लगभग 70 हजार हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा पुनर्बहाल हो सकेगी। सहिस ने बताया कि वर्ष 2014-15 में 91,323 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध थीजो वर्ष 2018-19 में बढ़कर 2,10,720 हेक्टेयर हो गयी है। उन्होंने कहा कि राज्य के हर खेत तक पानी पहुंचाना सरकार उद्देश्य है। इसी दिशा में सरकार काम कर रही है। राज्य में कुल 54 डैम हैं। इनमें से 46 डैम में पानी स्टोरेज है। जबकि आठ डैम में पानी नहीं है। जिन डैम में पानी नहीं हैउनमें लोहरदगा का नंदनी डैमखूंटी का लतरातूचतरा का बक्शाकोडरमा और गिरिडीह का पचखेरोपलामू का घमकईगढ़वा का चटनिया डैम शामिल है।

-sponsered-

;

-sponsored-

Comments are closed.