By, Shrikant Pratyush
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ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की समृद्धि में खर्च होंगे 5 हजार करोड़

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प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2 हजार रुपये की सम्मान राशि आपके खाते में भेज दी गई है। प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी, भारत सरकार. अपने मोबाइल में यह संदेश पाकर कांके के जीरा देवी, राजेन्द्र मुंडा और रामदास बेदिया, मंगल उरांव, मालती देवी, हसीमुद्दीन आदि मुख्यमंत्री रघुवर दास को संदेश दिखाकर बड़े उत्साहित नज़र आये।

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ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती और किसानों की समृद्धि में खर्च होंगे 5 हजार करोड़

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 2 हजार रुपये की सम्मान राशि आपके खाते में भेज दी गई है। प्रधानमंत्री, नरेंद्र मोदी, भारत सरकार. अपने मोबाइल में यह संदेश पाकर कांके के जीरा देवी, राजेन्द्र मुंडा और रामदास बेदिया, मंगल उरांव, मालती देवी, हसीमुद्दीन आदि मुख्यमंत्री रघुवर दास को संदेश दिखाकर बड़े उत्साहित नज़र आये। ऐसे करीब 5 लाख किसान आज खुश हैं उन्हें इस बात का सुकून है कि अब मॉनसून के आने पर कृषि कार्य हेतु जरूरी संसाधन जुटाने में यह राशि सहायक होगी। यह मौका था खेलगांव में आयोजित प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना समारोह का, जहां इसके तहत् राज्य के करीब 5 लाख किसानों को DBT के माध्यम से राशि दी गई ।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की समृद्धि के लिए खर्च होंगे 5 हजार करोड़

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मुख्यमंत्री रघुवर दास ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किसानों को 2-3 माह में 5000 करोड़ रुपये दिये जायेंगे। ये सारी राशि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था में जायेगी और इसे मजबूत करेगी। किसानों का जीवन भी समृद्धिशाली होगा। आपके चेहरे पर मुस्कान लाना और आपकी आय को दोगुना करने का लक्ष्य लेकर केंद्र और राज्य सरकार कार्य कर रही है।

जुलाई में मिलेगा राज्य सरकार की योजना का लाभ

मुख्यमंत्री ने उपस्थित किसानों को बताया कि जिस तरह केंद्र सरकार द्वारा आप सभी को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना का लाभ दिया गया। उस प्रकार जुलाई माह में झारखण्ड सरकार किसानों को मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना का लाभ देगी। योजना के तहत 1 से पांच एकड़ भूमि वाले किसानों को न्यूनतम 5 हजार और अधिकतम 25 हजार का लाभ मिलेगा। इस तरह केंद्र और राज्य सरकार की योजना को सम्मलित करें तो एक किसान को न्यूनतम 11 हजार और अधिकतम 31 हजार रुपये कृषि कार्य हेतु मिलेंगे।

किसान के पक्ष में सरकार ने निर्णय लिया

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों का लैंड रिकॉर्ड नहीं होने की वजह से किसान योजना का लाभ लेने से वंचित हो रहे थे। केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार से आग्रह किया गया। केंद्र में मोदी जी के नेतृत्व में नयी सरकार के शपथ लेने के बाद सबसे पहली कैबिनेट में ही झारखंड के हित को देखते हुए नियमों में संशोधन किया गया। जिसके बाद वंशावली के आधार पर भी किसानों को इसका लाभ मिल सकेगा। वहीं केंद्र सरकार ने भी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के दायरे में देश के सभी वर्ग के किसानों को शामिल किया है। केंद्र सरकार ने पहले 2 हेक्टेयर तक की भूमि के किसानों को योजना का लाभ देने का निर्णय लिया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अब हर किसान को इस योजना के दायरे में शामिल कर लिया।

आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए तत्पर है सरकार

मुख्यमंत्री ने कहा कि खेती अगर आधुनिक तरीके से की जाए तो उत्पादकता क्षमता में वृद्धि होती है। आधुनिक खेती की जानकारी देने हेतु सरकार ने वैश्विक कृषि सम्मेलन का आयोजन किया। राज्य के किसानों को इजराइल भेजा, ताकि किसान यह जान सकें कि विपरीत परिस्थितियों में इजराइल के किसान किस प्रकार खेती के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रहे हैं। झारखंड के महिला और पुरुष किसानों को इजराइल जाकर वहां की आधुनिक तकनीक से अवगत हुए और उस तकनीक का उपयोग अब झारखंड में भी किया जा रहा है। राज्य सरकार हर वर्ष किसानों को इजरायल फिलिपींस या फिर खेती के क्षेत्र में बेहतर कर रहे देश भेजने की योजना पर कार्य कर रही है।

जल प्रबंधन खेती के लिए जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2014 के बाद पानी संचयन की दिशा में कार्य हुए। डोभा निर्माण, तालाबों का जीर्णोद्धार किया गया। बरसात का पानी किसान भाई कैसे रोकें इस पर विचार होना चाहिए। इसे जन आंदोलन बनाने की जरूरत है। इस कार्य में सभी अपनी भागीदारी और साझेदारी सुनिश्चित करें।

सुखाड़ प्रभावित किसानों को जल्द मिलेगी राशि–कृषि मंत्री

मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्री रणधीर सिंह में कहा कि राज्य के सुखाड़ प्रभावित किसानों को जल्द राशि प्रदान की जाएगी। राज्य में खेती को बढ़ावा देने हेतु सरकार प्रयासरत है। राज्य खेती के क्षेत्र में लगातार आगे बढ़ रहा है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना और मुख्यमंत्री कृषि आशीर्वाद योजना राज्य के किसानों का तकदीर बदलने में सहायक होगा।

राज्य सरकार का प्रण 2022 तक किसानों की आय दोगुना से भी अधिक करना है–मुख्य सचिव

इस अवसर पर मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी ने कहा कि किसानों का सर्वांगीण विकास राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता में से एक है. मुख्यमंत्री रघुवर दास के नेतृत्व में राज्य सरकार ने यह प्रण लिया है कि वर्ष 2022 तक किसानों की आय दोगुना से भी अधिक करने के लिए कृषि के साथ साथ पशुपालन से किसानों को जोड़ा गया है. कृषि उपकरण खरीदने में राज्य सरकार 80% का अनुदान दे रही है. खाद और बीज खरीदने में भी 50% का सब्सिडी दी जा रही है. उन्होंने कहा कि साल में फसल दो बार हो, कृषि विभाग प्रतिबद्ध है। जल संचयन के लिए एकीकृत जल योजना बनाई गई है. ड्रिप इरिगेशन सिंचाई को बढ़ावा दिया जा रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड के किसान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपनों को पूरा करें इसके लिए सरकार समर्पित होकर कार्य कर रही है.

राज्य के सभी जिलों में किसान सम्मान समारोह का आयोजन–कृषि सचिव

कृषि सचिव पूजा सिंघल ने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत राज्य के वैसे 5 लाख किसान जिनका डेटाबेस एंट्री हो चुका था उन्हें आज योजना के प्रथम या द्वितीय किस्त की राशि मिल रही है. उन्होंने कहा कि राज्य के सभी जिलों में आज किसान सम्मान समारोह का आयोजन किया गया है. उन्होंने कहा कि इस किसान सम्मान समारोह में किसानों को खाद और बीज का वितरण भी किया जा रहा है.

राज्य एवं केंद्र सरकार का बेहतरीन समन्वय बना

इस अवसर पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से सीईओ प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना भारत सरकार श्री विवेक अग्रवाल भी उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि झारखंड के 35 लाख किसानों को पीएम किसान योजना का लाभ देना है. राज्य सरकार एवं केंद्र सरकार ने आपसी समन्वय बनाकर किसानों के हित में बहुत ही सकारात्मक प्रयास किया है. उन्होंने कहा कि आगे भी राज्य एवं केंद्र सरकार के साझा प्रयास से किसानों के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किए जाएंगे. इस अवसर पर मंत्री, कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग रणधीर सिंह, कांके विधायक डॉ जीतू चरण राम, खिजरी विधायक रामकुमार पाहन, मांडर विधायक श्रीमती गंगोत्री कुजूर, मुख्य सचिव डॉ डी के तिवारी, सचिव कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग श्रीमती पूजा सिंघल, संयुक्त सचिव कृषि  मंजूनाथ भजंत्री, कृषि निदेशक श्री रमेश घोलप, उपायुक्त रांची राय महिमापत रे, वरीय आरक्षी अधीक्षक अनीश गुप्ता और विभिन्न जिलों से आये सैकड़ों की संख्या महिला और पुरुष किसान उपस्थित थे।

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