By, Shrikant Pratyush
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झारखंड को हुनरमंद करने का अर्थ है, विश्व के स्किल्ड मानव संसाधन की आवश्यकताओं को पूरा करना

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झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वर्तमान परिवेश में झारखंड को हुनरमंद करने का अर्थ है, विश्व के स्किल्ड मानव संसाधन की आवश्यकताओं को पूरा करना। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास किया है।

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सिटी पोस्ट लाइव, दुबई/रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि वर्तमान परिवेश में झारखंड को हुनरमंद करने का अर्थ है, विश्व के स्किल्ड मानव संसाधन की आवश्यकताओं को पूरा करना। भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भारत को सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने के लिए प्रत्येक स्तर पर प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि नए भारत के निर्माण के लिए उन्होंने सबसे पहले भारत के युवाओं को स्किल या हुनरमंद बनाने के लिए अलग से मंत्रालय बनाया है। इसी तरह झारखंड में भी न्यू झारखंड के निर्माण के तहत राज्य के युवाओं को डिग्री के साथ हुनरमंद बनाने पर जोर दिया गया है। संयुक्त अरब अमीरात में हुनरमंद युवाओं की मांग है। हम यहां आकर आपकी अपेक्षाओं को जानने और उसी अनुरूप युवाओं को प्रशिक्षित करने के लिये प्रतिबद्ध हैं। हम चाहते हैं कि हमारे युवा किसी बिचौलिया के माध्यम से गुमराह न हों तथा उन्हें अच्छे नियोक्ता मिल सके और आसानी से एवं अच्छे सैलरी में रोजगार मिले। रघुवर दास रविवार को होटल हयात रीजेंसी, क्रीक हाईट्स, दुबई में आयोजित रोड शो में कही।
देश के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में झारखंड
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड भारत के सबसे तेजी से विकास करने वाले राज्यों में एक है। पिछले चार साल में राज्य ने अभूतपूर्व प्रगति की है। आज झारखंड का विकास दर गुजरात के बाद सबसे अधिक है । 2013-14 में झारखंड में कृषि विकास दर माइनस चार प्रतिशत थी, जो राज्य के किसानों की वजह से पिछले चार सालों में बढ़कर कृषि विकास दर प्लस 14 प्रतिशत हो गई। सरकार किसानों की समृद्धि के लिए कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की सबसे अच्छी उद्योग और श्रम नीति झारखंड की है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में झारखंड देश के पहले चार-पांच राज्यों में एक है। यूएई में भारत के राजदूत नवदीप सूरी ने कहा कि चीन और यूएस के बाद भारत का तीसरा सबसे बड़ा बिजनेस पार्टनर देश यूएई है। पिछले वर्ष भारत से 52 बिलियन डॉलर का बिजनेस हुआ था। 32 बिलियन डॉलर का निर्यात हुआ है, जो यू एस के बाद सबसे बड़ा बिजनेस डेस्टिनेशन है। भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 2015 के दौरे के बाद दोनों देशों के सम्बन्धों में व्यापक बदलाव आया है। झारखण्ड राज्य की यह पहल बहुत सराहनीय है। यह झारखण्ड के विकास में एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। यूएई स्किल्ड झारखंड के निर्माण में बड़ी भूमिका निभा सकता है। झारखंड के विकास आयुक्त डॉ. डीके तिवारी ने झारखंड को निवेश के लिए अत्यंत उपयुक्त डेस्टिनेशन तथा विश्व स्तर पर स्किल्ड युवाओं के रूप में मानव संसाधन की उपलब्धता के लिए झारखंड को महत्वपूर्ण बताया। मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. सुनील कुमार वर्णवाल तथा उच्च व तकनीकी शिक्षा तथा कौशल विकास विभाग के सचिव राजेश कुमार शर्मा ने भी सम्बोधित किया। मिशन सोसाइटी के मिशन निदेशक रवि रंजन ने सबका स्वागत किया तथा झारखंड कौशल विकास मिशन सोसाइटी के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी अमर झा ने सबके प्रति आभार प्रकट किया। मुख्यमंत्री के साथ वन टू वन इंटरेक्शन के तहत डीएम हेल्थकेयर, नखील, अल नबूदाह कंस्ट्रक्शन, अल जबेर एलजीईटी इंजीनियरिंग एंड कांट्रेक्टिंग, एएसजीसी कांट्रेक्टिंग, एमपीसी हेल्थकेयर, डीयूएलएससीओ, बायर्न आदि कंपनियों के प्रतिनिधियों से वार्ता हुई।

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