By, Shrikant Pratyush
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झारखंड में इस मॉनसून के दौरान पहली बार सूबे में हुई मूसलाधार बारिश

पश्चिमी सिंहभूम के कई इलाको में बाढ़ जैसे हालात, एनडीआरएफ की टीम राहत कार्य में जुटी

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झारखंड में इस मॉनसून के दौरान पहली बार मूसलाधार बारिश हुई।इस बारिश से जहां खेती के कार्य में किसानों को बड़ी राहत मिली है, वहीं बारिश से कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है।

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झारखंड में इस मॉनसून के दौरान पहली बार सूबे में हुई मूसलाधार बारिश

सिटी पोस्ट लाइव, रांची: झारखंड में इस मॉनसून के दौरान पहली बार मूसलाधार बारिश हुई।इस बारिश से जहां खेती के कार्य में किसानों को बड़ी राहत मिली है, वहीं बारिश से कई इलाकों में लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी है। पश्चिमी सिंहभूम, पूर्वी सिंहभूम, सिमडेगा,रांची समेत कई जिलों में निचले इलाके में अवस्थित सैकड़ों घर पानी में डूब गये। जबकि बारिश के दौरान सिमडेगा में एक पुल बह गया। एनडीआरएफ की टीम राहत कार्य में जुट गयी है। पश्चिमी सिंहभूम जिले में मूसलाधार बारिश के कारण बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गये है। भारी बारिश के कारण नदियां उफान पर है और नदी किनारे बसे गांवों के कई घरों में पानी घुस आया है। स्थिति से निपटने के लिए एनडीआरएफ की टीम रांची से मौके पर पहुंच गयी है और राहत कार्य शुरू कर दिया गया है।  पश्चिमी सिंहभूम जिले में बीते रात से लगातार हो रही भारी बारिश के कारण चक्रधरपुर शहरी,कराईकेला,सोनुआ एवं बंदगांव के कुछ हिस्से बाढ़ की चपेट में आ गए। इसकी सूचना मिलते ही जिला उपायुक्त   अरवा राजकमल ने तत्परता दिखाते हुए पूरे जिला प्रशासन के साथ पुलिस प्रशासन एवं सीआरपीएफ कैंप के जवानों को राहत कार्यों के लिए संबंधित स्थानों पर जाने का निर्देश जारी किया। सभी संबंधित पदाधिकारियों से संपर्क करते हुए जलजमाव में फंसे महिलाओं,बच्चों एवं आम नागरिकों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाने एवं उनके रहने एवं भोजन आदि की व्यवस्था की गयी है।  तत्काल रूप से चलाए गए राहत कार्यों के बीच अच्छी खबर यह है कि जलजमाव के क्षेत्र में फंसे सभी नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। चक्रधरपुर में प्रभावित लोगों को जे एल एन कॉलेज स्थित राहत कैंपों में पहुंचाया गया है,बंदगांव में प्रभावित लोगों को सुरक्षित बाहर निकालते हुए पंचायत भवन में रखा गया है। सभी राहत कैंपों में लोगों को आवासन,भोजन एवं इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है। जिले से मेडिकल टीम को राहत शिविर भेजा गया है। इस बीच जिला उपायुक्त अरवा राजकमल एवं पुलिस अधीक्षक इंद्रजीत माहथा ने खुद जलजमाव वाले क्षेत्र में चल रहे राहत कार्यों का जायजा लिया। इधर, सिमडेगा जिला के बीरू पंचायत से तामड़ा  पंचायत को जोड़ने वाला पुल कल रात से हो रही लगातार बारिश के कारण बहाव बढ़ने से बह गया उक्त पुल की गुणवत्ता को लेकर पहले भी स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी । उक्त पुल से कई गांवों के लोंगो का आना जाना  था। यह पुलप्रसिद्ध पर्यटन स्थल रामरेखा धाम को जोड़ता था । पुल के बहने से लोंगो को अपने गांवो तक पहुंचने के लिये काफी लंबा रास्ता तय करना होगा।. वहीं, जमशेदपुर एवं आसपास के क्षेत्रों में बीती रात से हो रही मूसलाधार बारिश के कारण कई घरों में नाले का पानी घुस जाने से लाखों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।  जहां मानगो के आजाद नगर स्थित ताईबा नगर में एक सौ से अधिक घर बाढ़ की चपेट में आ गए हैं ।जहां लोग अपने परिवार के साथ घर छोड़कर सुरक्षित स्थान पर चले गए हैं। राजधानी रांची के भी निचले इलाके में अवस्थित कई घरों में पानी घुस आया है। वहीं नालियों के सड़क पर बहने के कारण आवागमन भी प्रभावित हुआ है।

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