By, Shrikant Pratyush
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डब्ल्यूजेएआई अपने मिशन की ओर, सूचना मंत्री ने वेब पत्रकारिता के लिए नियमन का दिलाया भरोसा

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वेब जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इण्डिया (डब्ल्यूजेआई) के अध्यक्ष आनंद कौशल के नेतृत्व में वेब पत्रकारों के एक शिष्टमंडल ने सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार से मुलाकात कर अपनी सात सूत्री मांगों के संदर्भ में वार्ता की जिसका सार्थक परिणाम सामने आया। सूचना मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि बदलते दौर में वेब पत्रकारिता की अनिवार्यता सिद्ध हो चुकी है, इसने अपनी पहुँच से सरकार का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है।

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डब्ल्यूजेएआई अपने मिशन की ओर, सूचना मंत्री ने वेब पत्रकारिता के लिए नियमन का दिलाया भरोसा

सिटी पोस्ट लाइवःवेब जर्नलिस्ट एसोसिएशन ऑफ इण्डिया (डब्ल्यूजेआई) के अध्यक्ष आनंद कौशल के नेतृत्व में वेब पत्रकारों के एक शिष्टमंडल ने सूचना एवं जनसंपर्क मंत्री नीरज कुमार से मुलाकात कर अपनी सात सूत्री मांगों के संदर्भ में वार्ता की जिसका सार्थक परिणाम सामने आया। सूचना मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि बदलते दौर में वेब पत्रकारिता की अनिवार्यता सिद्ध हो चुकी है, इसने अपनी पहुँच से सरकार का भी ध्यान अपनी ओर खींचा है। मंत्री ने कहा कि उन्होंने डब्ल्यूजेएआई के सात सूत्री माँग के मद्देनजर विभागीय निदेशक को अन्य राज्यों जहाँ वेब पत्रकारों और पोर्टल को विज्ञापन नीति में शामिल किया है, के नियमन मंगवा कर अध्ययन करने और तदनुसार कार्रवाई का निर्देश दिया है। मुलाकात के क्रम में वेब पत्रकारों से बात करते हुए मंत्री नीरज कुमार ने उनकी मांगों को जायज ठहराया और ज्ञापन पर गंभीरतापूर्वक विचार करने की बात कही।

उन्होंने कहा कि आज जिन मांगों के समर्थन में वेब पत्रकारों ने अपना  ज्ञापन सौपा है, इस सिलसिले में अन्य राज्यों में वेब पत्रकारों को मिल रही सुविधाओं का अध्ययन कर निर्णय लिया जाएगा। फिलहाल बिहार सरकार के पास इस संबंध में कोई नियमावली नहीं है। उन्होंने कहा कि संचार क्रांति के दौर में वेब पोर्टल की उपयोगिता काफी बढ़ी है और लोगों तक सबसे पहले खबर पहुंचाने में इनकी अहम भूमिका है। इसे पत्रकारों को स्वतः नियंत्रित करने की भी जरूरत है ताकि पुख्ता और प्रमाणिक खबर ही लोगों तक पहुंचे।

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मंत्री नीरज कुमार ने कहा कि हमने विभागीय निदेशक को यह निर्देशित किया है कि अन्य प्रान्तों में वेब पत्रकारों को दी जा रही सुविधाओं का अध्ययन कर वेब पत्रकारों की मांगों पर गंभीरतापूर्वक विचार किया जाय। साथ ही वेब पोर्टल को किस प्रकार से नियंत्रित किया जा सकता है और उन्हें कैसे बेहतर सुविधाएं प्रदान की जा सकती है, इस संबंध में भी जानकारी एकत्रित करें। उन्होंने कहा कि नये दौर में नयी चुनौतियां है, आज की बदली हुई परिस्थितियों में वेब पोर्टल की काफी उपयोगिता है और यह समय की मांग है। राज्य सरकार की विज्ञापन नीति में फिलहाल वेब पत्रकारिता को एक इकाई के रूप में नहीं माना गया है, लेकिन अन्य राज्यों में वेब पोर्टल को दी गयी मान्यताओं एवं विज्ञापन नीति से जुड़े प्रतिवेदन का अध्ययन करने के पश्चात जो भी वेब पत्रकारों के लिए संभव होगा राज्य सरकार करेगी।

बिहार राज्य सूचना एवं जनसंपर्क भवन स्थित अपने कक्ष में विभागीय मंत्री नीरज कुमार ने पत्रकारों से बातचीत के बाद उनकी समस्याएं भी सुनीं। पुष्पगुच्छ एवं अंगवस्त्र भेंटकर वेब पत्रकारों के शिष्टमंडल ने मंत्री नीरज कुमार का अभिनंदन किया। उल्लेखनीय है कि वेब जर्नलिस्ट्स ।एसोसिएशन ऑफ इण्डिया वेब पत्रकारों की देश की पहली निबंधित संस्था है। डब्ल्यूजेएआई की बिहार सरकार से सात सूत्री मांगें हैं-
1. बिहार में वेब पत्रकारों को भी वही मान्यता और सुविधाएँ दी जाएं जो प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों को हासिल है।

2.  बिहार में या बिहार के बाहर से संचालित होने वाले न्यूज पोर्टल/ वेबसाईट जिनका
(क.) डोमेन एक साल पहले कम से कम दो साल के लिए बुक किया गया हो,
(ख.) प्रतिदिन नियमित रुप से अपडेट होते हों,
(ग.) जिनके होमपेज पर  संचालक कंपनी अथवा स्वामी का नाम, पता, मोबाईल नंबर, ईमेल आईडी आदि लिखा हो,
(घ.) बिहार में संचालित होने वाले न्यूज पोर्टल/ वेबसाईट की मासिक दृश्य संख्या कम से 10 हजार और राज्य से बाहर से संचालित होने वाले न्यूज पोर्टल/ वेबसाईट की मासिक दृश्य संख्या 25 हजार हो,
(ङ)  गूगल एनालिटिक डैशबोर्ड की रिपोर्ट प्रदर्शित करें या सरकार अथवा सूचना एवं जनसंपर्क विभाग अपने स्तर से या किसी एजेंसी या डब्ल्यूजेएआई के मार्फत दृश्य संख्या का आंकलन दूसरे तरीके से करें,
(च.) संचालक प्रायवेट लिमिटेड कंपनी अथवा स्वामी का कम से कम दो साल का इनकम टैक्स रिटर्न हो

कि वैसे वेब पत्रकार जिनकी

(क.) शैक्षणिक योग्यता कम से कम स्नातक के साथ अनिवार्य रुप से स्नातकोत्तर या पत्रकारिता में डिग्री हो, (ख.) जिन्हें पत्रकारिता के किसी भी फार्मेट में कम से 5 साल का अनुभव हो तथा वे.  (ग.) किसी जघन्य आपराधिक कांड में दोषसिद्ध या आरोपी न हों को एक्रेडिटेशन, स्वास्थ्य बीमा, समूह बीमा,  पत्रकार सम्मान योजना, चुनाव आयोग का प्राधिकार पत्र आदि सुविधाएं प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के पत्रकारों की तरह दी जाएँ।

3. उपरोक्त योग्यता वाले न्यूज पोर्टल/वेबसाइट को सरकारी विज्ञापन प्रदान किया जाए।

4   उपरोक्त कोटि के पोर्टल के स्वामी/ संपादक को बिहार डायरी में शामिल किया जाए।

5. सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को निर्देशित किया जाए कि प्रेस के साथ अपने पत्राचार में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक के साथ वेब मीडिया शब्द का भी प्रयोग हो।

6.न्यूज पोर्टल/ वेबसाइट और वेब पत्रकारों के रेग्यूलेशन के लिए डब्ल्यूजेएआई के स्वनियमन (डूज एंड डॉंट्स) के मॉडल मशविदे पर विचार करते हुए इसे बिहार में लागू किया जाए।

7. एक्रेडिटेशन सहित पत्रकारों से संबंधित विविध समितियों म़े डब्ल्यूजेएआई को भी प्रतिनिधित्व दिया जाए।
शिष्टमंडल में डब्ल्यूजेएआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष आनंद कौशल, उपाध्यक्ष अमिताभ ओझा, महासचिव अमित रंजन, राष्ट्रीय सचिव मुरली मनोहर श्रीवास्तव, राष्ट्रीय सचिव निखिल केडी वर्मा, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव रमेश पाण्डेय, राष्ट्रीय संयुक्त सचिव मधुप मणि पिक्कू, पटना चैप्टर के अध्यक्ष बालकृष्ण, उपाध्यक्ष अमित शाखेर, उपाध्यक्ष इन्द्रमोहन पाण्डेय, उपाध्यक्ष सह संगठन प्रभारी सुजीत कुमार, जिला कार्यकारिणी सदस्य मनन गोस्वामी, ज्योति कश्यप (अपना लाइव), नवीन सिंह (अपना लाइव), अभिजीत कुमार (न्यूज ऑफ बिहार) सहित संगठन से जुड़े अन्य लोग उपस्थित थे।

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