By, Shrikant Pratyush
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कोरोना की दवा की कालाबाजारी कर रहे सरकारी अस्पतालकर्मी.

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सिटी पोस्ट लाइव : कोरोना की इस बड़ी चुनौती को कुछ लोगों ने कमाई के अवसर में बदल दिया है.बिहार के  मुजफ्फरपुर (Muzaffarpur) में  कोरोना के जांच और इलाज से संबंधित दवा और और अन्य सामग्रियों की कालाबाजारी (Black Marketing) का खुलासा हुआ है. यह कालाबाजारी कोई और नहीं बल्कि सदर अस्पताल और सकरा रेफरल अस्पताल में तैनात कर्मचारी ही कर रहे थे. इस गिरोह में सरकारी एंबुलेंस के कई चालक (Ambulance Driver) भी शामिल हैं. ये सभी मिलकर सरकारी मेडिकल सामग्री को चुराकर खुले बाजार ऊंचे दाम पर बेचा करते थे.

पुलिस ने कालाबाजारी के मुख्य सरगना लव कुमार को गिरफ्तार कर लिया है जो सदर अस्पताल में संविदा पर तैनात लैब टेक्नीशियन है. इस रैकेट में जिले के कई निजी अस्पताल और निजी जांच घर भी शामिल हैं. लव की निशानदेही पर उसके ससुराल सकरा के सुस्ता गांव से 4 हज़ार से ज्यादा रैपिड एंटीजन जांच किट बरामद किया गया है. इसके अलावा भारी मात्रा में पीपीई किट, सर्जिकल मास्क,  सैनिटाइजर, जांच घर में उपयुक्त कीमती माइक्रोस्कोप, स्लाइड और केमिकल भी जब्त किया गया है.

पुलिस की छापामारी के दौरान इस धंधे में शामिल लव कुमार का ससुर संजय ठाकुर फरार हो गया है  लेकिन कुल पांच कालाबाजारी की गिरफ्तारी हुई है. सकरा रेफरल अस्पताल में तैनात अवधेश कुमार और तीन अन्य एंबुलेंस चालकों को भी गिरफ्तार किया गया है. डीएसपी पूर्वी मनोज पांडेय ने बताया कि सकरा पुलिस को इस कालाबाजारी की गुप्त सूचना मिली थी कि सकरा थाना इलाके के सुस्ता निवासी संजय ठाकुर के घर से कोरोना जांच किट और पीपीई किट की कालाबाजारी हो रही है.

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पुलिस ने जब छापा मारा तो पाया कि  संजय ठाकुर के एक कमरे में हजारों एंटीजन जांच किट ,भारी मात्रा में मास्क, ग्लब्स, सैनिटाइजर, प्रोटेक्शन किट और अन्य दवाएं मौजूद हैं. पूछताछ में लव कुमार ने इस कालाबाजारी का पूरा राज खोल दिया.  लव से प्राप्त सूचना के आधार पर पुलिस ने सकरा के कई निजी नर्सिंग होम और शहर के कई जांच घरों में छापामारी की. इस तरह पता चला कि कालाबाजारी का यह नेक्सस सरकारी कर्मी और निजी नर्सिंग होम वालों की मिलीभगत से चल रहा है.

कोरोना दवा किट की कालाबाजारी में  कुछ एंबुलेंस वाले भी शामिल हैं.वो  सदर अस्पताल और अन्य सरकारी अस्पतालों से सामान चुराकर लव के ससुराल सुस्ता पहुंचाते थे. डीएसपी पांडे ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से रैपिड एंटीजन किट की कमी की वजह से कोरोना जांच प्रभावित हो रहा था.  डीएसपी ने कहा है कि इस धंधे में एक बड़ा रैकेट काम कर रहा है जिसमें कई सफेदपोशों के भी लिप्त होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता. पुलिस पूरे रैकेट को उजागर करने में जुट गई है.

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