By, Shrikant Pratyush
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मानसून आनेवाला है लेकिन अभीतक पूरी नहीं हो पाई तैयारी, फिर डूबेगा पटना?

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सिटी पोस्ट लाइव :पिछले साल पटना(Patna) में हुए जलजमाव (Water Logging) की वजह से सुशासन की सरकार की देश दुनिया में खूब फजीहत हुई थी.सरकार उस बदनामी को भूली नहीं है.दुबारा पटना के डूबने की नौबत नहीं आये,इसको लेकर विशेष तैयारी की जा रही है.इस साल फिर पटना में कही जलजमाव ना हो जाये इसे लेकर सरकार हर दिन नई बैठकें हो रही हैं और तैयारियों को लेकर नये नए दावे किये जा रहे हैं.लेकिन सबसे बड़ा सवाल जब बरसात का मौसम आ गया तो ये तैयारी कितनी काम आयेगी.ये तो वहीँ बात हुई-आग लगी तो कुवां की खुदाई हो रही है.

दरअसल पटना नगर निगम (Patna Municipal Corporation) ने पहले तय किया कि 3 मई तक नाला सफाई के काम खत्म हो जाएगा, पर काम खत्म नहीं होने पर फिर से 10 मई तक बड़े नाले और 15 मई तक छोटे नाले सफाई का टारगेट रखा गया था. पर फिर भी टारगेट फेल हो गया. शुक्रवार को डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बैठक कर 31 मई तक सभी नालों और मेनहोल की सफाई खत्म करने का निर्देश जारी किया है.

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नाला उड़ाही और सफाई का काम मानसून से पहले खत्म करने को लेकर नगर निगम और नगर विकास मंत्री के समीक्षा के बावजूद काम पूरा नहीं होने पर डिप्टी सीएम सुशील मोदी ने बैठक कर कई बड़े फैसले लिए.सुशील मोदी ने 167 करोड़ से उच्चक्षमता के समर्सिबल पम्प खरीदने के निर्देश दिए. साथ ही 39 डीपीएस की रखरखाव की जिम्मेवारी एजेंसी को सौपने का निर्णय लिया.यह एजेंसी अगले 3 साल तक की जिम्मेवारी संभालेगी. 27 अस्थायी नए पम्पिंग स्टेशनों के निर्माण का भी फैसला डिप्टी सीएम ने लिया. डिप्टी सीएम ने निर्देश जारी करते हुए कहा कि सभी सामानों की खरीद और लगाने का काम 31 जुलाई तक खत्म हो जाना चाहिए.

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नगर निगम और नगर विकास विभाग के काम की रफ्तार बताती है कि मानसून शुरू होने से पहले बड़े छोटे नालों की सफाई और उड़ाही के काम बड़ी चुनौती है. हालांकि नगर निगम के नये आयुक्त हिमांशु शर्मा का दावा है कि मानसून से पहले जलजमाव को रोकने की सभी तैयारी पूरी ली जाएगी. इसके लिए मजदूरों की संख्या दोगुनी कर और रातदिन काम कराया जा रहा है. मानसून आने में मुश्किल से 15 से 20 दिन बचे हैं. अगर 15 से 20 दिनों में कम पूरा नही हुआ तो इस साल फिर पटना के डूबना तय है.

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