By, Shrikant Pratyush
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कोविड-19 टीकाकरण को लेकर टीकाकर्मी व अन्य कर्मी को दिया गया एक दिवसीय प्रशिक्षण

-जिले में 11 सत्र स्थलों का टीकाकरण के लिए किया गया चयन

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सदर अस्पताल के सभागार में कोविड-19 वैक्सीनेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया| जिसमें आगामी 16 जनवरी से होने वाले कोविड-19 टीकाकरण को लेकर टीकाकर्मी व अन्य सहयोगी स्टाफ को कोविड-19 टीकाकरण की के बाबत प्रशिक्षण दिया गया । कोविड वैक्सीनेशन प्रशिक्षण में कोविड वेक्सिनेशन के बारे में आवश्यक जानकारियां दी गई। जिले में फ़िलहाल 11 स्थानों पर कोविड वैक्सीनेशन किया जायेगा,|

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सिटी पोस्ट लाइव : सदर अस्पताल के सभागार में कोविड-19 वैक्सीनेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया| जिसमें आगामी 16 जनवरी से होने वाले कोविड-19 टीकाकरण को लेकर टीकाकर्मी व अन्य सहयोगी स्टाफ को कोविड-19 टीकाकरण की के बाबत प्रशिक्षण दिया गया । कोविड वैक्सीनेशन प्रशिक्षण में कोविड वेक्सिनेशन के बारे में आवश्यक जानकारियां दी गई। जिले में फ़िलहाल 11 स्थानों पर कोविड वैक्सीनेशन किया जायेगा,| जिसमें मे प्रथम चरण में जिले के 15 हजार 74 हेल्थ केयर वर्कर को टीका लगाया जाएगा।

टीकाकरण करने के लिए 65 वैक्सीनेशन कर्मी को प्रशिक्षण दिया गया। जिले में 21 कोल्ड चेन पॉइंट से कोविड वेक्सीन टीकाकरण स्थलों पर पहुचाई जायेगी। सदर अस्पताल में आयोजित कोविड-19 वैक्सीनेशन ट्रेनिंग प्रोग्राम में एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार ने कहा कि कोरोना वायरस के संक्रमण से जनसामान्य की सुरक्षा के मद्देनजर कोविड टीकाकरण भारत सरकार की उच्च प्राथमिकता में है। जिसके लिए जिले में कोविड वैक्सिनेशन सेंटर की स्थापना के साथ अन्य जरूरी तैयारियां की जा रही हैं।

कोविड-19 के अनुरूप व्यवहारों का पालन करते रहना होगा:

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जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा ने बताया कि कोविड वैक्सीन के लांच होने से आम आदमी के जेहन में इसको लेकर बना भय समाप्त होगा। साथ ही और लोग टीकाकरण के बाद कोरोना संक्रमण के साथ- साथ कई तरह की बंदिशों से निजात पा सकेंगे। वहीं सरकार के गाइडलाइन के अनुसार कोविड-19 के अनुरूप व्यवहारों का पालन करते रहना होगा.| स्वास्थ्य कर्मियों को टीका लग जाने से उनके मनोबल में वृद्धि होगी। उन्होंने कहा कि वृहद स्तर पर आयोजित होने वाले वैक्सिनेशन कार्य के लिए विशेष तैयारियों के साथ साथ कुशल प्रशिक्षण की जरूरत है, जिससे टीकाकरण कार्य को सही तरीके से अंजाम तक पहुंचाया जा सके।

100 लाभार्थी पर एक टीम का होगा गठन:
टीकाकरण के लिए 100 लाभार्थी पर एक टीम का होगा गठन होगा जिसमें प्रत्येक वैक्सीनेशन टीम में 5 सदस्य होंगे। टीम में ए.एन.एम, स्टाफ नर्स,आशा कार्यकर्ता पुलिसकर्मी, आंगनवाडी कार्यकर्ता, पुरुष स्वास्थ्य कार्यकर्ता सभी की अलग-अलग भूमिका होगी। वैक्सीनेशन के दौरान वैक्सीनेशन साइट पर सभी समुचित सुविधाएं हो, इसके लिए सुपरविजन जिला स्तर के अधिकारियों रियो द्वारा किया जायेगा।

टीकाकरण के लिए जिले में 11 सत्र स्थलों का चयन:

टीकाकरण के लिए जिले में 11 सत्र स्थलों का चयन किया गया है| जिसमें बाबूबरही पीएचसी, बिस्फी पीएचसी, घोघरडीहा पीएचसी,जयनगर अनुमंडलीय अस्पताल, झंझारपुर अनुमंडल अस्पताल, कलुआही पीएचसी, पंडौल रेफरल अस्पताल, फुलपरास अनुमंडल अस्पताल, सदर अस्पताल मधुबनी, बेनीपट्टी पीएचसी तथा मधुबनी मेडिकल कॉलेज में सत्र स्थल बनाया गया है।

इन्हें इन्हे दिया गया प्रशिक्षण:

प्रशिक्षण में मे चिकित्सकों, जीएनएम, एएनएम व अन्य स्टाफ को कोविड टीकाकरण का प्रशिक्षण दिया गया । इस दौरान उन्होंने उन्हें कोविड वैक्सीनेशन सेंटर के प्रारूप से संबंधित जानकारी भी दी गयी । इसके साथ ही वैक्सिनेशन के तहत पंजीकरण, टीकाकरण आदि प्रक्रिया की के बाबत विस्तार पूर्वक बताया गया।

यह रहे शामिल –
इस अवसर पर एसीएमओ डॉ. सुनील कुमार,जिला प्रतिरक्षण पदाधिकारी डॉ. एसके विश्वकर्मा, जिला कार्यक्रम प्रबंधक दयाशंकर निधि, जिला सामुदायिक उत्प्रेरक नवीन दास, अस्पताल प्रबंधक अब्दुल मजीद,केयर इंडिया के डिटील महेंद्र सिंह सोलंकी, यूनिसेफ के एसएमसी प्रमोद कुमार झा,डब्ल्यूएचओ के एसएमओ डॉक्टर आदर्श वर्जीग, पाथ के मुन्ना यादव, यूएनडीपी अनिल कुमार आदि मौजूद थे।

मधुबनी से सुमित कुमार की रिपोर्ट

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