By, Shrikant Pratyush
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प्रवासियों को अब Home quarantine करने पर हो रहा विचार

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बिहार में कोरोना के संक्रमण की रफ़्तार में कोई कमी नहीं आ रही है. 22 मई की शाम 5 बजे तक मरीजों का आंकड़ा 2108 तक पहुँच गया था. बिहार में लगातार आ रहे प्रवासियों के लिए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री को कोरनटाईन सेंटर की व्यवस्था करना बहुत बड़ी चुनौती बन गई है.

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सिटी पोस्ट लाइव : बिहार में कोरोना के संक्रमण की रफ़्तार में कोई कमी नहीं आ रही है. 22 मई की शाम 5 बजे तक मरीजों का आंकड़ा 2108 तक पहुँच गया था. बिहार में लगातार आ रहे प्रवासियों के लिए बिहार के स्वास्थ्य मंत्री को कोरनटाईन सेंटर की व्यवस्था करना बहुत बड़ी चुनौती बन गई है. अब सरकार बाहर से आ रहे लोगों को होम कोरेंटाईन करने करने पर विचार कर रही है.बिहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री मंगल  पांडेय (Health Minister Mangal Pandey) के अनुसार फिलहाल राज्य में 18000 मरीजों को आइसोलेशन (Isolation) पर रखने की व्यवस्था है, लेकिन अगर भविष्य में जरूरत हुई और मरीजों की संख्या बढ़ती है तो मरीजों को होम क्वारंटाइन (Home quarantine) पर रखे जाएंगे.

मंगल पांडेय ने कहा कि बिहार में मरीजों की संख्या 2100 के पार कर चुकी है. हम लगातार जांच की क्षमता बढ़ा रहे हैं. फिलहाल बिहार में 18000 मरीजों तक के लिए हमारे यहां इंतजाम किया गया है और आने वाले दिनों में संख्या और बढ़ाई जाएगी. मंगल पांडेय ने कहा है कि फिलहाल बिहार में तीन कोविड अस्पताल पटना, गया और भागलपुर में है जिसमे करीब 2500 लोगों के इलाज की व्यवस्था है. हालांकि जरूरत के हिसाब से राज्य सरकार अस्पताल की संख्या बढ़ाएगी.

मंगल पांडेय ने बताया कि बिहार में अगले 15 दिनों में प्रतिदिन जांच की संख्या 5000 हो जाएगी. हम तेजी से जांच की क्षमता बढ़ा रहे है. राज्य के हर जिले जिले में जांच केंद्र खोलने का लक्ष्य है. बताते चलें फिलहाल बिहार में प्रतिदिन करीब 2800 जांचों की रिपोर्ट आ रही है.गौरतलब है कि मुख्यमंत्री ने हररोज दस हजार लोगों के जांच की व्यवस्था का आदेश दिया है.

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