City Post Live
NEWS 24x7

वाह रे सिस्टम! कोरोना डेथ सर्टिफिकेट के लिए महीनों से भटक रहे लोग

-sponsored-

- Sponsored -

-sponsored-

सिटी पोस्ट लाइव : कोरोना से मरनेवालों के परिजनों को सरकार ने चार लाख रुपये का मुवावजा देने का प्रावधान तो कर दिया है लेकिन कोरोना से हुई मौत का प्रमाण पत्र मिलना बेहद मुश्किल है. कोरोना से मरनेवाले लोगों के परिजनों को मुआवजा और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भटकना पड़ रहा है. मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए प्रखंड कार्यालय से लेकर सदर अस्पताल तक का लोग चक्कर लगा रहे हैं.पटना हाईकोर्ट की फटकार के बाद पिछले दिनों बिहार सरकार ने प्रदेश में कोरोना से मौत का आंकड़ा बढ़ने का दावा किया. जिसके बाद सवाल उठे क्या सूबे में महामारी से मौत के आंकड़ों को छिपाया जा रहा था? इस बात की पुष्टि इसलिए भी हो रही क्योंकि बेगूसराय में 10 मई को कोरोना मरीज की हुई, लेकिन आज तक परिजनों को उनका कोविड डेथ सर्टिफिकेट नहीं मिला है. परिजन आज भी मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं.

बेगूसराय सदर प्रखंड के चांदपुरा गांव के रहने वाले चंद्रिका तांती 27 अप्रैल को सदर अस्पताल में कोरोना जांच में पॉजिटिव पाए गए थे. जिसके बाद उन्हें होम आइसोलेशन रखा गया. इसी बीच 10 मई को होम आइसोलेशन के दौरान उनकी मौत हो गई. बावजूद इसके स्वास्थ्य विभाग का कोई कर्मी परिजनों से मुलाकात करने नहीं पहुंचा. थक-हार कर परिजनों ने किसी तरह चंद्रिका तांती का अंतिम संस्कार किया.अब चंद्रिका तांती के मौत के बाद मुआवजा और मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए परिजन भटक रहे हैं. मृतक के बेटे अजय ने बताया कि मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए प्रखंड कार्यालय से लेकर सदर अस्पताल तक का कई बार चक्कर लगाया लेकिन एक महीने के बाद भी अब तक मृत्यु प्रमाण पत्र नहीं बना. ऐसे में बड़ा सवाल यही है कि आखिर सरकार की ओर से निर्देश के बाद भी अभी तक मृतक का नाम क्यों नहीं जोड़ा गया.

पटना हाईकोर्ट के फटकार के बाद बिहार सरकार ने 18 मई को एक कमेटी बनाकर सभी जिलों से मृतकों की सूची बनाने का आदेश दिया था. इसी के बाद बिहार में मौत का आंकड़ा अचानक बढ़ गया. बेगूसराय में भी सरकार की ओर से 316 नए मौत के आंकड़े जोड़े गए. लेकिन सवाल यही है कि अगर मौत का आंकड़ा बढ़ा तो चंद्रिका तांती की मौत उसमें शामिल क्यों नहीं है.इस संबंध में डीएम अरविंद कुमार वर्मा ने बताया कि यह मौत का आंकड़ा कोई अंतिम आंकड़ा नहीं है. मृत्यु प्रमाण पत्र या अन्य कोई कागजात की जरुरत नहीं है वह आवेदन सिविल सर्जन या डीएम ऑफिस या आपदा विभाग में दे सकते हैं उसकी जांच करा कर सरकारी निर्देशों के तहत मुआवजा दिया जाएगा.

- Sponsored -

-sponsored-

Subscribe to our newsletter
Sign up here to get the latest news, updates and special offers delivered directly to your inbox.
You can unsubscribe at any time

-sponsored-

Comments are closed.