By, Shrikant Pratyush
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मध्याह्न भोजन योजना में 9.27 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा, डीईओ करेंगी जांच

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सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सीतापहाड़ी में मध्याह्न भोजन योजना में नौ लाख 27 हजार रुपये की फर्जी निकासी मामले की जांच अब जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनी देवी करेंगी । रविवार को उन्होंने कहा कि मैं इस मामले की खुद ही जांच करूंगी।

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मध्याह्न भोजन योजना में 9.27 लाख रुपये का फर्जीवाड़ा, डीईओ करेंगी जांच

सिटी पोस्ट लाइव, पाकुड़: सदर प्रखंड के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सीतापहाड़ी में मध्याह्न भोजन योजना में नौ लाख 27 हजार रुपये की फर्जी निकासी मामले की जांच अब जिला शिक्षा पदाधिकारी रजनी देवी करेंगी । रविवार को उन्होंने कहा कि मैं इस मामले की खुद ही जांच करूंगी। दोषी पाये जाने पर इसमें संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ कार्रवाई होगी, चाहे वो विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष हों अथवा कोई और। साथ ही इस मामले में प्रधानाध्यापक तथा संबंधित विभागीय अधिकारी की भूमिका की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इस गड़बड़ी के चलते विगत दस दिनों से विद्यालय में मध्याह्न भोजन योजना बंद है। इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए डीईओ ने कहा कि बच्चों को नियमित मध्याह्न भोजन मिलना चाहिए। उल्लेखनीय है कि उत्क्रमित मध्य विद्यालय सीतापहाड़ी विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शाहबुल शेख पर संयोजिका का फर्जी हस्ताक्षर कर बैंक से राशि निकासी का मामला उजागर हुआ है। दिलचस्प है कि मामला सामने आते ही शाहबुल शेख ने आनन फानन में बैंक में एक लाख रुपये जमा भी करा दिया है। विद्यालय प्रबंधन समिति के अध्यक्ष शाहबुल शेख व संयोजिका के बीच मध्याह्न भोजन योजना के संचालन को लेकर शुरू से ही विवाद रहा था। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों के बीच जारी विवाद को सुलझाने की काफी कोशिश भी की गई। इतना ही नहीं इसके मद्देनजर दोनों को एक-एक महीने तक योजना के संचालन की जिम्मेदारी भी दी गई थी, लेकिन स्थिति सुधरने की बजाय मामला फर्जीवाड़ा तक पहुंच गया। मध्याह्न भोजन योजना मद में की गई फर्जी निकासी के मामले की जांच फिलवक्त प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी राम नरेश राम कर रहे थे। शुरुआती जांच के दौरान ही कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। प्रखंड बीआरसी कार्यालय के सूत्रों के मुताबिक वर्ष 2016 से अब तक बैंक से निकाली गई राशि से जुड़े कुल 49 चेकों की जांच की गई है। इनमें से 44 चेक संदेह के घेरे में हैं। हालांकि फिलहाल किसी ने अधिकृत रूप से इसकी पुष्टि नहीं की है, लेकिन संयोजिका के हस्ताक्षर सहित कई बिंदुओं पर सवाल उठाए जा रहे हैं। और तो और एक ही दिन में तीन-तीन बार चेक के जरिए की गई राशि की निकासी भी जांच के घेरे में है। मजे की बात है कि जिस दिन विभाग की ओर से राशि भेजी गई उसी दिन राशि की निकासी भी कर ली गई है। जबकि आमतौर पर ऐसा नहीं होता है। बकौल प्रधानाध्यापक रियाजुद्दीन अंसारी विद्यालय में 1,762 बच्चे अध्ययनरत हैं और एक फरवरी से वे मध्याह्न भोजन से वंचित हैं। प्रत्येक दिन औसतन 1200 बच्चे पढ़ने आते हैं। इस फर्जीवाड़े का सीधा असर इन बच्चों और उनकी उपस्थिति पर पड़ रहा है।

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