पटना की महिला को बंगाल के रेड लाइट इलाके में 25 हजार में बेचा, पुलिस ने कोठे से कराया आजाद

Ritu Raj

सिटी पोस्ट लाइव
बिहार की राजधानी पटना से सटे मनेर इलाके से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली मानव तस्करी की एक खौफनाक वारदात सामने आई है। भरोसे और मजबूरी का फायदा उठाकर दलालों ने एक बेबस महिला को पश्चिम बंगाल के रेड लाइट एरिया में ले जाकर बेच दिया। महीनों तक नर्क जैसी जिंदगी जीने को मजबूर पीड़िता को आखिरकार मनेर पुलिस ने बंगाल पुलिस के सहयोग से सकुशल बरामद कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में कोठा संचालक को भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

नौकरी का झांसा और 25 हजार में सौदा
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता मनेर थाना क्षेत्र की रहने वाली है। कुछ समय पहले पति से हुए घरेलू विवाद के कारण वह परेशान होकर घर से निकल गई थी। इसी नाजुक समय का फायदा उठाते हुए दलालों ने उसे अपने जाल में फंसाया। उसे बेहतर नौकरी और सुनहरे भविष्य का लालच दिया गया। आरोपी उसे धोखे से पश्चिम बंगाल ले गए और वहां महज 25 हजार रुपये में एक कोठा संचालक के हाथों बेच दिया। इंसान को वस्तु की तरह बेचने की इस दरिंदगी ने मानवीय संवेदनाओं को झकझोर कर रख दिया है।

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एक ग्राहक की सूचना पर हरकत में आई पुलिस
अक्टूबर महीने से लापता इस महिला की जिंदगी में उम्मीद की किरण तब जागी, जब कोठे पर आए एक ग्राहक ने उसकी आपबीती सुनी। उस व्यक्ति ने किसी तरह महिला के पति तक इसकी सूचना पहुँचाई। खबर मिलते ही पति ने मनेर थाने में मामला दर्ज कराया। मनेर थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई, जिसने तकनीकी साक्ष्यों और बंगाल पुलिस के इनपुट के आधार पर रेड लाइट इलाके में दबिश दी। छापेमारी के दौरान महिला को सुरक्षित बचा लिया गया और कोठा संचालक को दबोच लिया गया।

अंधे कुएं से निकली जिंदगी
पुलिस इंस्पेक्टर ने बताया कि पीड़िता के बयान से स्पष्ट हुआ है कि दलालों ने उसे किस तरह मीठी बातों में फंसाकर देह व्यापार के अंधे कुएं में धकेला था। महिला को कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसके परिजनों को सौंप दिया गया है। वहीं, पुलिस अब उन बिचौलियों की तलाश में जुटी है जिन्होंने महिला को बंगाल ले जाकर बेचा था।

यह मामला एक बार फिर आगाह करता है कि मुसीबत के समय अजनबियों पर भरोसा करना कितना जानलेवा हो सकता है। पुलिस का कहना है कि मानव तस्करी के इस संगठित गिरोह की जड़ें खंगाली जा रही हैं ताकि भविष्य में किसी अन्य महिला की गरिमा नीलाम न हो।

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