By, Shrikant Pratyush
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“विशेष” : हत्या से गुस्साई उग्र भीड़ ने पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

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बिहार के सहरसा जिले में पुलिस का खौफ ना तो अपराधियों के बीच रहा है और ना ही आमलोगों के बीच ।आलम यह है कि आमलोग अब लामबंद होकर पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ा कर भेड़-बकरी की तरह पीट रहे हैं ।

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“विशेष” : हत्या से गुस्साई उग्र भीड़ ने पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

सिटी पोस्ट लाइव : बिहार के सहरसा जिले में पुलिस का खौफ ना तो अपराधियों के बीच रहा है और ना ही आमलोगों के बीच ।आलम यह है कि आमलोग अब लामबंद होकर पुलिस वालों को दौड़ा-दौड़ा कर भेड़-बकरी की तरह पीट रहे हैं ।नरसिंह झा नाम के युवक की हत्या के विरोध में सहरसा के बिहरा थाना क्षेत्र में प्रदर्शन कर रहे उग्र भीड़ के सामने पुलिस पूरी तरह से लाचार और बेबस दिखी ।प्रदर्शन कर रहे लोग इतने आक्रोशित थे कि उन्होंने पुलिसकर्मियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा ।इस दौरान पुलिस वाले अपनी जान बचाने के लिए आगे-आगे दौड़ रहे थे और सैकड़ों लोग उन्हें पीटने के लिए उनके पीछे-पीछे दौड़ रहे थे ।सारा कुछ फिल्मी स्टाईल में हो रहा था ।पुलिस वाले इतने लाचार थे कि वे अपनी रक्षा के लिए किसी प्रकार का ठोस कदम नहीं उठा पा रहे थे ।लोगों का सारा आक्रोश बिहरा थानाध्यक्ष रणवीर कुमार पर था ।लोगों का आरोप था कि थानाध्यक्ष का मधुर संबंध अपराधियों,शराब माफियाओं और हर तरह के नशीले पदार्थों के कारोबारियों से है ।खुद थानाध्यक्ष शराब के नशे में ड्यूटी करते हैं ।एक तरफ आक्रोशित लोग आगजनी कर यातायात को ठप्प कर दिया था और धरने पर बैठे थे,तो दूसरी तरफ पुलिस की धुनाई हो रही थी ।घटना के बाबत बता दें कि यह सारा आक्रोश नरसिंह झा की गोली मारकर हुई हत्या से उबला था ।एएसआई गिरीदेव और सत्येंद्र कुमार को लोगों ने रेस लगाकर जमकर धुना ।

लोग क्यों थे इतने आक्रोशित

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बीती रात बाईक सवार अपराधियों ने नरसिंग झा नामक शख्स को गोली मार दी थी ।मौके पर ही नरसिंह झा की मौत हो गई थी ।आए दिन हो रही घटनाओं से आक्रोशित ग्रामीण और परिजनों ने बिहरा थाना अध्यक्ष रणवीर कुमार पर अपराधियों से सांठगांठ कर हत्या की इस घटना को अंजाम देने का आरोप लगाया ।साथ ही उनके तबादले की मांग करते हुए पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन करने लगे ।इधर पुलिस की पिटाई होती रही लेकिन तुरन्त जिला मुख्यालय से कोई बड़े पुलिस अधिकारी नहीं आये ।पिटाई की फिल्म चलती रही और करीब तीन घंटे के बाद सदर एसडीपीओ प्रभाकर तिवारी घटनास्थल पर पहुंचे और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को समझाने की भरपूर कोशिश की ।लेकिन प्रदर्शनकारी कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं थे ।काफी मान-मनौव्वल के बाद लोगों का गुस्सा शांत हुआ ।बिहरा थानाध्यक्ष को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए बिहरा थाना में पदस्थापित सभी पुलिस कर्मी को,सहरसा वापिस बुला लिया गया ।नए थानाध्यक्ष के रूप में दरवेश कुमार को पदस्थापित किया गया है ।

इस तरफ से पुलिस वालों की पिटाई से कई तरह के सवाल खड़े हो रहे हैं ।पुलिस की बिगड़ैल कार्यशैली से लोगों का मन अब ऊब गया है ।पुलिस पर लोगों का कोई भरोसा नहीं रहा है ।लोग चोर की तरह पुलिस की जब पिटाई करने लगें,तो आखिर अमन पसंद लोग किसके बूते खुद को सुरक्षित समझें ?इसमें कोई शक नहीं है कि खाकी की हनक अब पूरी तरह से खत्म हो चुकी है ।पुलिस की पिटाई के अभियान का आगाज हो चुका है ।जाहिर सी बात है कि पुलिस ने अगर अपना रवैया नहीं बदला,तो पुलिस के ओवर वायलिंग का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा ।इस तस्वीर को देखकर सूबे के मुखिया नीतीश कुमार और डीजीपी गुप्तेश्वर पांडेय को कोई नई तरकीब निकालने की जरूरत है ।वैसे पुलिस वालों की हत्या भी हो रही है ।अब हम किसी भी सूरत में,पुलिस वालों के लिए आगे की राह को आसान नहीं देख पा रहे हैं ।

पीटीएन न्यूज ग्रुप के सीनियर एडिटर मुकेश कुमार सिंह की “विशेष”रिपोर्ट ।

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