By, Shrikant Pratyush
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आरा कोर्ट में बम ब्लास्ट के आरोप से क्यों मुक्त हो गए सुनील पाण्डेय?

4 साल बाद आया फैसला, पूर्व विधायक सुनील पांडेय सहित 3 साक्ष्य के अभाव में बरी

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कोर्ट के अंदर-बाहर  सुरक्षा का काफी पुख्ता इंतजाम किया गया था.कोर्ट के बम कांड के फैसले के बाद पूर्व विधायक सुनील पांडेय ने कहा कि यह न्याय की जीत है और हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा था. जिन लोगों ने राजनीतिक षडयंत्र के तहत हमको फंसाने की कोशिश की थी आज वो चारो खाने चित्त हो गए हैं.

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आरा कोर्ट में बम ब्लास्ट के आरोप से क्यों मुक्त हो गए सुनील पाण्डेय?

सिटी पोस्ट लाइव : चार साल पूर्व आरा सिविल कोर्ट के अंदर हुए बम ब्लास्ट मामले में शनिवार को इस कांड के आरोपी जेडीयू के पूर्व विधायक सुनील पांडेय सहित तीन लोगों को कोर्ट ने बरी कर दिया.साक्ष्य ना होने के अभाव में ये तीनों अभियुक्त बरी कर दिए गए.बममैन के नाम से अपराध जगत में अपना सिक्का चलाने वाला कुख्यात लंबू शर्मा व कुख्यात अपराधी चांद मियां, नईम मियां, प्रमोद सिंह समेत 8 आरोपियों को इस मामले में कोर्ट ने दोषी माना है.

कोर्ट इन सभी 8 दोषियों की सजा पर सुनवाई की अगली तारीख 20 अगस्त को मुकर्रर की है. इस अहम फैसले को सुनने के लिए कोर्ट परिसर के अंदर लोगों की अच्छी खासी भीड़ जुटी हुई थी. एहतियात के तौर पर कोर्ट परिसार में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया था.कोर्ट के अंदर-बाहर  सुरक्षा का काफी पुख्ता इंतजाम किया गया था.कोर्ट के बम कांड के फैसले के बाद पूर्व विधायक सुनील पांडेय ने पत्रकारों से कहा कि यह न्याय की जीत है और हमें न्यायालय पर पूरा भरोसा था. जिन लोगों ने राजनीतिक षडयंत्र के तहत हमको फंसाने की कोशिश की थी आज वो चारो खाने चित्त हो गए हैं.

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 कोर्ट ने 8 दोषियों में से एक चांद मियां को जो कोर्ट में हाजिरी देकर फैसला सुनाने के समय कोर्ट में उपस्थित नहीं हुआ उसके खिलाफ कोर्ट ने वारंट व कुर्की जप्ती का आदेश दिया है. बता दें कि 23 जनवरी 2015 को लंबू शर्मा कोर्ट पेशी के लिए आया हुआ था. जहां कोर्ट कैंपस से फरार होने के लिए दिनदहाड़े लंबू शर्मा के इशारे पर एक महिला नगीना देवी कोर्ट के अंदर बम लेकर पहुंची थी. जैसे ही कैदी वाहन रुका तेज धमाका हुआ और शर्मा सहित दो कैदी फरार हो गए थे.

उस दौरान महिला नगीना देवी के चिथड़े घटनास्थल पर ही उड़ गए थे. जबकी कैदी सुरक्षा में तैनात भोजपुर पुलिस का जवान अमीत कुमार बम ब्लास्ट में जख्मी हो गया था. जिसकी इलाज के दौरान मौत हो गई थी. इस मामले में जदयू के पूर्व विधायक नरेंद्र कुमार पांडे उर्फ सुनील पांडेय,लंबू शर्मा,चांद मियां,नईम मियां,प्रमोद सिंह श्याम विनय शर्मा सहित 11 लोगों के खिलाफ आरोपपत्र गठित किया गया था. आरोप गठन तत्कालीन प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बीबी सिंह द्वारा किया गया था. जहां आज 11 अभियुक्तों में से पूर्व विधायक सुनील पांडेय सहीत 3 लोगों को बरी कर दिया गया है. वहीं 8 आरोपियों को कोर्ट ने दोषी करार दिया है.

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