सिटी पोस्ट लाइव
भोजपुर। पुलिस और अपराधियों के बीच हुई मुठभेड़ में घायल कुख्यात अपराधी छोटू मिश्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। छोटू मिश्रा ने सोमवार को एक प्रॉपर्टी डीलर को गोली मारकर भागने की कोशिश की थी, जिसके बाद पुलिस मुठभेड़ में उसे गोली लगी थी। गंभीर रूप से घायल छोटू को पटना रेफर किया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया।
छोटू की मौत के बाद परिजनों और समर्थकों ने शव को सड़क पर रखकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों की पुलिस से तीखी झड़प हुई, जिसके बाद प्रशासन ने लाठीचार्ज कर प्रदर्शनकारियों को हटाया और शव को जबरन सदर अस्पताल पहुंचाया।

कैसे हुआ एनकाउंटर?
रविवार रात जगदीशपुर थाना क्षेत्र के कौरा गांव के पास बाइक सवार छोटू मिश्रा और विपुल तिवारी ने प्रॉपर्टी डीलर पप्पू सिंह को गोली मार दी थी। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस ने अपराधियों का पीछा किया और नयका टोला इलाके में घेराबंदी की। जवाबी फायरिंग में छोटू मिश्रा के दाहिने जांघ में दो गोलियां लगीं। उसे गंभीर हालत में आरा सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

पिता बोले – “मुझे भी मार दो, जीकर क्या करूंगा”
मृतक के पिता जय प्रकाश मिश्रा का कहना है कि उनका बेटा अपने दोस्त के साथ रोहतास जिले के मधुकरपुर जा रहा था। रास्ते में कार सवार पप्पू सिंह से विवाद हुआ, जिसके बाद पुलिस ने उनके बेटे को गोली मार दी। उन्होंने दावा किया कि पुलिस ने जनवरी 2021 में एक छापेमारी के दौरान उनकी पत्नी शैला देवी को भी गोली मारी थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी।

छोटू पर दर्ज थे कई आपराधिक मामले
पुलिस के अनुसार, छोटू मिश्रा हत्या, लूट, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों में वांछित था। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। जनवरी 2021 में भी उसके खिलाफ कार्रवाई की गई थी, जब पुलिस रेड के दौरान उसने फायरिंग की थी। इस दौरान उसकी मां शैला देवी को गोली लग गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई थी। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है और उसके आपराधिक नेटवर्क से जुड़े अन्य अपराधियों की तलाश जारी है।