By, Shrikant Pratyush
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बालिका गृहकांड : सुप्रीम कोर्ट ने फिर फटकारा-‘घटना शर्मनाक है, क्या कर रही है बिहार सरकार’

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सुप्रीम कोर्ट ने घटना को शर्मनाक और अमानवीय बताते हुए बिहार सरकार से पूछा है कि आखिर इस मामले में सरकार क्या कर रही है. कोर्ट ने बिहार सरकार को इस मामले से जुड़े एफआईआर को लेकर भी बिहार सरकार को निर्देश दिया है.

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बालिका गृहकांड : सुप्रीम कोर्ट ने फिर फटकारा-‘घटना शर्मनाक है, क्या कर रही है बिहार सरकार’

सिटी पोस्ट लाइव : मुजफ्फरपुर के बहुचर्चित बालिका गृहकांड मामले से जुड़ी बड़ी खबर सामने आ रही है. खबर है कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बिहार सरकार को फटकार लगायी है. सुप्रीम कोर्ट ने घटना को शर्मनाक और अमानवीय बताते हुए बिहार सरकार से पूछा है कि आखिर इस मामले में सरकार क्या कर रही है. कोर्ट ने बिहार सरकार को इस मामले से जुड़े एफआईआर को लेकर भी बिहार सरकार को निर्देश दिया है.

सुप्रीम कोर्ट ने इस बार बिहार सरकार को ठीक से एफआईआर दर्ज नहीं करने पर फटकार लगायी है. सुप्रीम कोर्ट ने सरकार को फटकार लगाते हुए एफआईआर में धारा 377 (बलात्कार) आईपीसी और पॉक्सो अधिनियम के तहत दर्ज कर 24 घंटे के अंदर प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. सुप्रीम कोर्ट का कहना है, ‘अगर हमें लगता है कि धारा 377 आईपीसी और पीओसीएसओ अधिनियम के तहत अपराध हुए थे और आपने प्राथमिकी दर्ज नहीं की है, तो हम सरकार के खिलाफ आदेश पारित करेंगे.’

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बता दें इससे पहले भी कोर्ट ने बिहार सरकार और जांच एजेंसी को फटकार लगा चुकी है. कोर्ट ने बिहार सरकार से पूछा था कि आखिर क्यों नहीं इन बाल गृहों की पहले जांच की गई. सुप्रीम कोर्ट ने नीतीश सरकार को फटकारते हुए कहा, ‘राज्य सरकार 2004 से तमाम शेल्टर होम को पैसा दे रही है, लेकिन उनको पता ही नहीं है कि वहां क्या हो रहा है. उन्होंने कभी वहां निरीक्षण करने की भी जरूरत नही समझी. ऐसा लगता है कि ये गतिविधियां राज्य प्रायोजित हैं. यह सोचने का विषय है. सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए यह भी कहा था कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी अधिकारियों ने जांच देर से शुरू की.

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