By, Shrikant Pratyush
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धनकुबेर इंजीनियर के घर छापा, नोट गिनने के लिए मंगानी पड़ी मशीन.

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आय से अधिक संपत्ति मामले में की गई छापेमारी का नेतृत्व डीएसपी लेवल के अधिकारी कर रहे थे. निगरानी विभाग की इस छापेमारी में कई चौंकाने वाली बातें भी सामने आई हैं.अपार्टमेंट नित्यानंद एनक्लेव के फ्लैट नंबर 403 में छापेमारी कर 15 लाख नकद, आधा किलो सोना, 1 किलो चांदी के जेवरात वरामद किया है.वरामद जेवरात की कीमत तकरीबन 34 लाख बताई जा रही है.

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सिटी पोस्ट लाइव :जैसे जैसे बिहार सरकार भरष्ट अधिकारियों के खिलाफ कारवाई कर रही है, वैसे वैसे भ्रष्टाचार का बड़ा चेहरा सामने आ रहा है.एक और भ्रष्ट इंजीनियर निगरानी विभाग की चपेट में आया है. पटना के इस धन कुबेर इंजीनियर के खिलाफ निगरानी विभाग ने कुछ दिन पहले ही आय से अधिक संपत्ति के मामले में केस दर्ज किया था.गौरतलब है कि बिहार में भ्रष्ट अफसरों के खिलाफ निगरानी विभाग (Vigilance Raid In Patna) की कार्रवाई लगातार जारी है. इसी कड़ी में निगरानी विभाग की टीम ने पथ निर्माण विभाग के इंजीनियर (Engineer) कौन्तेय कुमार के तीन ठिकानों पर मंगलवार को छापेमारी की है. आय से अधिक संपत्ति मामले में की गई छापेमारी का नेतृत्व डीएसपी लेवल के अधिकारी कर रहे थे. निगरानी विभाग की इस छापेमारी में कई चौंकाने वाली बातें भी सामने आई हैं.

निगरानी विभाग की टीम ने पटना में सदाकत आश्रम के पास स्थित अपार्टमेंट नित्यानंद एनक्लेव के फ्लैट नंबर 403 में छापेमारी कर 15 लाख नकद, आधा किलो सोना, 1 किलो चांदी के जेवरात वरामद किया है.वरामद जेवरात की कीमत तकरीबन 34 लाख बताई जा रही है. 8 से अधिक बैंक खाते और चल अचल संपत्ति में विभिन्न निवेश के दस्तावेज जब्त किए गए हैं. सूत्रों के अनुसार नोट गिनने के लिए अधिकारियों को मशीनी मंगानी पड़ी. इसके अलावा इंजीनियर के बैंक में दो लॉकरों का भी पता चला है, जिसे ऑपरेशन के दौरान फ्रीज किया गया है. जांच के दौरान अभी पता चला है कि कौन्तेय कुमार ने अपने और अपनी पत्नी के नाम पर चार जमीन के दस्तावेज जिसमें एक बोरिंग रोड पटना स्थित कृष्णा अपार्टमेंट के सी ब्लॉक में आठवें तल्ला पर फ्लैट नंबर 82 और 83 को मिलाकर एक लग्जरी अपार्टमेंट बनाया जा रहा है.

लग्जरी अपार्टमेंट की कीमत ही करोड़ों रुपया आंकी गई है. इसके अलावा निगरानी की टीम ने एसबीआई लाइफ ,आईडीएफसी, एलआईसी, रॉयल सुंदरम जेनरल इंश्योरेंस, बजाज अलायंस एचडीएफसी लाइफ, टाटा एआईए, एक्सिस एमएफ, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल इंवेस्को एमएफ निपोन्नइंडिया, यूटीआई, केयर हेल्थ कोटक लाइफ बिरला कैपिटल यानी कुल मिलाकर 30 से अधिक पॉलिसी और इन्वेस्टमेंट का पता चला है. निगरानी विभाग की टीम ने इंजीनियर के खिलाफ एक करोड़ 76 लाख से अधिक आय से अधिक संपत्ति का केस निगरानी थाना में दर्ज किया था.

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