By, Shrikant Pratyush
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महाराज ने उतार दिया ईन पटनिया रंगदारों का रंग ,इसी अंदाज में वसूलते थे रंगदारी

पहले ये बाज़ार में सरेआम बन्दूक लेकर प्रदर्शन कर भय पैदा करते थे फिर वसूलते थे रंगदारी

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बन्दूक लहराकर बाईक से चलनेवाले ये रंगदार मनु महारज के रडार पर आ गए वर्ना न जाने कबतक इनके आतंक के साए में पटना जिले के लोगों को जीना पड़ता .इनके पास से दो पिस्टल और चार जिन्दा कारतूस भी बरामद हुए हैं.पुलिस इनकी खातिरदारी कर रही है ताकि गैंग का सफाया हो सके   

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सिटी पोस्ट लाईव ;पटना जिले के बिहटा बाज़ार,कन्हौली बाज़ार और सदिसोपुर बाज़ार का बच्चा बच्चा माणिक गिरोह के नाम से परिचित है.इस गिरोह का आतंक ईस ईलाके में लम्बे समय से है.इस गिरोह के सदस्य सभी नौजवान हैं और बाईक पर पिस्टल लहराते इस कदर बाज़ार में चलते हैं कि देखनेवालों की पतलूनें गीली हो जाए.यहाँ तक कि पुलिसवालों की पतलूनें भी ये कईबार गीली कर चुके हैं.लेकिन जब इस गैंग की तरफ पटना के एसएसपी मनु महाराज की नजर गई तो इनकी उल्टी गिनती शुरू हो गई.मनु महाराज को लगा कि उनके राजपाट में ये कैसे हीरो पैदा हो गए.बना ली योजना और धर दबोचा इस गैंग के उन शातिर दो बदमाशों को खुल्लेयम पिस्टल लहरा लहरा कर लोगों के लिए बाण गए थे आतंक.

गिरफ्तार किये गए दोनों अपराधी  अजीत और रवि खूंखार माणिक गिरोह  के खास शूटर हैं.इनका काम करने का तरीका अलग ही था.पहले ये बाज़ार में सरेआम बन्दूक लेकर प्रदर्शन करते थे.जब चाहे किसी दूकान में घुस जाते थे.दुकानदार के सर पर पिस्टल लगाकर उसे लूट लेते थे. बन्दूक का भय दिखाकर रंगदारी वसूलना इनका प्रमुख धंधा बन चूका था.ये इतने दुसाहसी और खतरनाक थे कि कोई इनका विरोध करने की सोंच भी नहीं सकता था.जिस गिरोह के नाम से पुलिसवालों की पतलूने गीली हो जाती हों,भला उनसे दुकानदार मुकाबले की कैसे सोंच सकता है. गनीमत थी ये मनु महारज के रडार पर आ गए वर्ना न जाने कबतक इनके आतंक के साए में पटना जिले के लोगों को जीना पड़ता .इनके पास से दो पिस्टल और चार जिन्दा कारतूस भी बरामद हुए हैं.पुलिस इनकी खातिरदारी कर रही है ताकि अपने गैंग के दूसरे गुर्गों के बारे में ये बता सकें.

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