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 वसूली के लिए SP साहेब ने बना रखा था फूलप्रूफ सिस्टम.

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सिटी पोस्ट लाइव :जैसे जैसे भर्ष्टाचार के खिलाफ बिहार सरकार की कारवाई तेज हो रही है, वैसे वैसे भ्रष्टाचार का बड़ा चेहरा सामने आ रहा है.भ्रष्टाचार के आरोप में फंसे पूर्णिया के एसपी दयाशंकर के ठिकानों पर निगरानी विभाग के छापे में बड़े बड़े खुलासे हुए हैं.विजिलेंस की करवाई में जो सच्चाई सामने आई हैं, उसके मुताबिक पूर्णिया एसपी दया शंकर ने काली कमाई के लिए जो सिस्टम बनाया था, उसमें 3 कड़ी काम करती थी. एसपी दया शंकर और उनकी पत्नी के साथ ब्लैक मनी के कलेक्शन के लिए अब तक बिहार बिहार पुलिस की 3 कड़ी सामने आई है. ट्रांसफर पोस्टिंग से लेकर इंवेस्टिगेशन तक में एसपी के लिए विशेष पैकेज की व्यवस्था बिहार पुलिस के जवान ही करते थे. काली कमाई का यह खेल 2016 से चल रहा था.

मैडम ब्लैक मनी को गोल्ड में और साहब रियल स्टेट में को इनवेस्ट कर रहे थे.एसपी साहेब की काली कमाई का बड़ा खुलासा हुआ है.पटना से लेकर सिलीगुड़ी तक रियल स्टेट में उन्होंने इनवेस्ट किया है. पटना के फ्लैट में 67 लाख रुपए का इंटीरियर डेकोरेशन का सबूत सामने आया है. जांच जारी है और अभी बड़े खुलासे होने बाकी हैं.पूर्णिया में टेलीफोन ड्यूटी पर काम करने वाले गोपनीय शाखा के कॉन्स्टेबल सावन कुमार का अहम रोल था. सावन को एसपी के साथ मैडम भी डील करती थी. वह एक कड़ी के रूप में काम करता था. घर से लेकर बाहर की व्यवस्था सावन ही संभालता था. मैडम और साहब की डिमांड को पूरा करने में इसका अहम रोल रहा है. वह एसपी के साथ मैडम का इतना चहेता था कि उसका ट्रांसफर भी नहीं होने दिया गया. ट्रांसफर के आदेश को किसी न किसी बहने रोक लिया जाता था.

पूर्णिया के सदर थाना के पूर्व थानेदार संजय सिंह एसपी दया शंकर की ब्लैक मनी के लिए कड़ी नंबर दो थे. वह साहब के साथ मैडम से भी सीधे तौर से जुड़ा थे. पूर्णिया के किस थाना में कौन थानेदार तैनात होगा, इसकी सेटिंग भी सदर थानेदार करते थे. इससे ट्रांसफर पोस्टिंग में बड़ी राशि आई. ब्लैक मनी के लिए ट्रांसफर पोस्टिंग बड़ा जरिया रहा है. एसपी दया शंकर की पत्नी पैसे की पूरी डीलिंग डायरेक्ट थानेदार संजय सिंह से करती थी.पूर्णिया एसपी के पूर्व रीडर नीरज कुमार भी आईपीएस दया शंकर की काली कमाई में बड़ा किरदार रहा है. वह अपराध के मामले में कानूनी पेंच फंसाकर वसूली करता था. ट्रांसफर पोस्टिंग के साथ पूरा सिस्टम पुलिस ऑफिस में रीडर से ही चलता है. रीडर नीरज एसपी के लिए पैसे की व्यवस्था करता था.

करोड़ों की कमाई करनेवाले दया शंकर के पास एक भी गाड़ी नहीं है. पत्नी खुशबू शंकर और दो बेटों के साथ पिता शिवजी प्रसाद और माता शिव कुमारी देवी डिपेंड हैं. लेकिन किसी के नाम से परिवार में कोई बाइक तक नहीं है. 2021-22 में बिहार सरकार को आय का ब्यौरा देने वाले आईपीएस दया शंकर ने बड़ा झूठ बोला है. खुद और पत्नी के साथ मां बाप के पास कुल 40 हजार कैश होने की बात कही गई लेकिन स्पेशल विजिलेंस की छापेमारी में एसपी आवास से 28 लाख का सोना और 2.96 लाख नगद और पटना स्थित आवास से 1.52 लाख कैश मिला.दानापुर स्थित विंसम एम्पायर के दो फ्लैट को मिलाकर एक फ्लैट बनाया गया. इसके इंटीरियर पर 67 लाख रुपए खर्च कर दिए गए.

स्पेशन विजिलेंस की छापेमारी में चाय बगान के साथ रियल स्टेट में इनवेस्टमेंट के सबूत मिले हैं. छापेमारी के दौरान एसपी के पटना स्थित फ्लैट से दो गाड़ी इनोवा और जीप कंपास का पेपर मिला है, इसकी जांच की जा रही है. इतना ही नहीं छापेमारी एक ऐसी डायरी मिली है, जो ब्लैक मनी के ईमानदारी से बंटवारे की पोल खोलने वाली है. एसपी के घर से बरामद डायरी में जून 2018 से अगस्त 2018 का लेखा जोखा है. इसमें 22 लाख रुपए के लेन देन का पूरा हिसाब है. किससे कितना मिला और किसको कितना दिया गया.

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