By, Shrikant Pratyush
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हाईकोर्ट में ब्रजेश ठाकुर की जमानत पर सुनवाई, कोर्ट ने माँगा केस डायरी

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बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम में नाबालिग लड़कियों के साथ हुए रेप के मामले में गुरूवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा है कि अगर जरूरत हुई तो इस मामले की जांच की मॉनिटरिंग के लिए भी वो तैयार है.

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सिटी पोस्ट लाइव: बिहार के बहुचर्चित मुजफ्फरपुर बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर की जमानत याचिका पर गुरुवार को पटना हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए सरकार से केस डायरी तलब की है.जस्टिस अरुण कुमार ने ब्रजेश ठाकुर की नियमित जमानत याचिका पर सुनवाई की. ब्रजेश ठाकुर मुजफ्फरपुर के चर्चित बालिका गृह का संचालक और मामले का मुख्य आरोपी है, जहां 32 नाबालिग लड़कियों के साथ दुराचार किया गया था. बिहार के इस हाई प्रोफाइल मामले की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है. ब्रजेश ठाकुर पुलिस की गिरफ्त में है.

बिहार के मुजफ्फरपुर शेल्‍टर होम में नाबालिग लड़कियों के साथ हुए रेप के मामले में गुरूवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने सख्‍ती दिखाई है. इस मामले पर स्वत: संज्ञान लेते हुए सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और राज्‍य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा है कि अगर जरूरत हुई तो इस मामले की जांच की मॉनिटरिंग के लिए भी वो तैयार है.सुप्रीम कोर्ट ने पीड़ित लड़कियों की तस्वीरें और वीडियो दिखाने पर गंभीर आपत्ति जताई और साफ किया कि पहचान छिपाने की कोशिश करते हुए संपादित तस्वीर या वीडियो किसी भी हाल में नहीं दिखाया जा सकता. साफ कहा गया है कि इलेक्‍ट्रॉनिक और प्रिंट मीडिया रेप पीड़ि‍त बच्चियों की माॅर्फ्ड तस्वीरें भी नहीं चलाएगा.

‘नेशनल कमीशन फॉर द प्रोटेक्‍शन ऑफ चाइल्‍ड राइट्स’ (एनसीपीसीआर) को भी नोटिस भेजा गया है. सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया है कि छोटी बच्चियों का कोई इंटरव्‍यू नहीं कराया जाएगा. कोर्ट ने वरिष्ठ वकील अपर्णा भट्ट को कोर्ट ने एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है जिन्हें इस मामले से जुड़े सारे पक्ष रिपोर्ट करेंगे.जस्टिस मदन बी लोकुर और दीपक गुप्ता की खंडपीठ ने अपने निर्देश में राज्य सरकार और केंद्र सरकार को तीन हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा है. कोर्ट ने कहा कि इस मामले में जो भी दोषी होगा उसे सख्त सजा मिलनी चाहिए.

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भारी दबाव के बाद बिहार सरकार ने मुजफ्फरपुर बालिका गृह में 32 लड़कियों के साथ यौन उत्पीड़न की जांच की जिम्मेदारी सीबीआई को सौंप दी थी. 28 जुलाई को सीबीआई की टीम ने मामले की जांच शुरू कर दी.इस हाई प्रोफाइल केस की जांच फिलहाल सीबीआई कर रही है और इस मामले में कई आरोपी जेल में है. शेल्टर होम में यौन-उत्पीड़न की घटना के बाद से बिहार में भी सियासत तेज हो गई है. इस मामले को लेकर ही गुरूवार को वाम दलों ने बिहार बंद का आह्वान किया है, जिसे विपक्षी दलों का समर्थन मिला

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